Japan Invest in India: भारत और जापान के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गए हैं. अगस्त 2025 से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच रिकॉर्ड 120 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जिसके तहत जापान भारत में 1 ट्रिलियन यानी करीब एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भारी-भरकम निवेश करने जा रहा है.
बड़ी बात यह है कि यह निवेश पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर अब सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी यानि हरित ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के हाई-टेक सेक्टर्स में हो रहा है.

किन राज्यों में होगा सबसे ज्यादा निवेश?
- गुजरात
- हरियाणा
- असम
- कर्नाटक
- और तेलंगाना
गुजरात
- गुजरात इस निवेश का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. इतोचू कॉर्पोरेशन और एल एंड टी मिलकर कंडला पोर्ट पर 18 हजार 900 करोड़ की लागत से एक बड़ा ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट लगा रहे हैं.
- टोयोटा बिदकिन क्षेत्र में एक नया प्लांट लगा रही है, जिससे हर साल एक लाख गाड़ियां बनेंगी और 2800 लोगों को रोजगार मिलेगा.
- इसके अलावा गुजरात में सेमीकंडक्टर से जुड़े सामानों का उत्पादन भी शुरू हो रहा है.

हरियाणा
- जापानी कंपनियों के लिए हरियाणा हमेशा से पसंदीदा रहा है. Daikin कंपनी हरियाणा में 1000 करोड़ रुपए की लागत से एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आर एंड डी फैसिलिटी बना रही है.
- सुमितोमो कॉर्प भी हरियाणा सरकार के साथ मिलकर 3800 करोड़ का एक व्यापक प्रोजेक्ट चला रही है.
असम
- पूर्वोत्तर भारत में भी जापान अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. सुज़ुकी नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और एनईडीएफ के साथ मिलकर असम में एक बायोगैस प्लांट लगा रही है.
मेघालय
- कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मेघालय में हाई वैल्यू-ऐडेड एग्रीकल्चर पर काम किया जा रहा है.
कर्नाटक
- देश की सिलिकॉन वैली यानी बैंगलुरू में स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के साथ मिलकर जापानी कंपनी याकुमो भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है.
तेलंगाना
- IIT हैदराबाद में मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के सहयोग से एआई, क्वांटम और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है.
बता दें कि जापान भारत में सिर्फ पुरानी फैक्ट्रियां नहीं लगा रहा, बल्कि भारत को आधुनिक तकनीकों में आत्मनिर्भर बना रहा है. इस निवेश के तहत…
- ग्रीन एनर्जी (अमोनिया और मेथेनॉल उत्पादन)
- हाई-टेक सेक्टर (सेमीकंडक्टर चिप्स, एआई और क्वांटम तकनीक)
- ऑटोमोबाइल व स्टील (सुजुकी के नए प्लांट और जेएसडब्ल्यू के साथ स्टील वर्क्स)
- बैंकिंग (श्रीराम फाइनेंस और यस बैंक में भारी निवेश)
- और टेलीकॉम व स्पेस (समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल और साझा चंद्र मिशन)
जैसे मुख्य क्षेत्रों में अरबों रुपये लगाए जा रहे हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार देंगे.

