लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

भारत को धमकी, घर में घमासान:अंदर से दरक रहा पाकिस्तान; पानी की एक-एक बूंद को शहबाज ने बताया ‘रेड लाइन’ – Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif Threatened India With Consequences If Indus Waters Treaty Is Abrogated

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को पानी के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में शरीफ ने सिंधु जल संधि को पाकिस्तान के लिए ‘रेड लाइन’ बताते हुए कहा कि भारत को अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए, वरना उसे ‘सीधा जवाब’ दिया जाएगा। शरीफ ने भारत पर ‘शांति का दुश्मन’ होने का आरोप भी लगाया। हालांकि, भारत के खिलाफ इस आक्रामक बयानबाजी के बीच पाकिस्तान खुद कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हिंसा, बलूचिस्तान में असंतोष, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शन, मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की लगातार जेल में मौजूदगी ने इस्लामाबाद की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।

सिंधु जल संधि पर फिर आमने-सामने भारत-पाकिस्तान

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 23 अप्रैल को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला किया था। भारत का कहना है कि जिन परिस्थितियों में यह समझौता हुआ था, वे अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। नई दिल्ली ने साफ किया है कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई होने तक संधि अपने मौजूदा स्वरूप में आगे नहीं बढ़ सकती।

भारत को बताया शांति का दुश्मन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, शरीफ ने कहा कि भारत ने संधि को एकतरफा और गैरकानूनी तरीके से रोककर खुद को शांति का दुश्मन साबित किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की ‘हर बूंद’ उसकी रेड लाइन है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बलूचिस्तान में ‘ब्लैक डे’ का आह्वान

भारत को चेतावनी देने के साथ ही पाकिस्तान को अपने ही भीतर बढ़ते असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। बलूचिस्तान में राष्ट्रवादी आवाजों ने 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के बजाय ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया है। बलूच नेता और कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने दुनिया भर के बलूच लोगों से स्वतंत्रता दिवस समारोहों के बहिष्कार की अपील की है। उन्होंने विरोध के प्रतीक के तौर पर काले झंडे और काली पट्टी पहनने का आग्रह किया। बलूच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस्लामाबाद क्षेत्र में सैन्य दमन कर रहा है। सुराब इलाके में कथित सैन्य हमलों को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। हालांकि, इन घटनाओं में मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।

नागरिकों की मौत पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का विरोध

मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलूच ने सुराब में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की कथित बमबारी की आलोचना की है। उनका दावा है कि हमले में बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग मारे गए और घायल हुए। एक अन्य बलूच कार्यकर्ता जारा बलूच ने भी नागरिक इलाकों में सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों की मौत अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के गंभीर उल्लंघन का विषय है। इन आरोपों ने बलूचिस्तान में इस्लामाबाद और स्थानीय आबादी के बीच गहरे अविश्वास को फिर सामने ला दिया है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर ही किसी क्षेत्र में ‘ब्लैक डे’ मनाने की अपील उसके सामने मौजूद राजनीतिक और सामाजिक चुनौती को रेखांकित करती है।

खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद की चुनौती

पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति भी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। खैबर पख्तूनख्वा के स्वात में काबल पुलिस स्टेशन के पास आत्मघाती हमले में 17 लोगों की मौत और 27 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। मृतकों में सात पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब इलाके में खराब होती कानून-व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था। इस घटना ने पाकिस्तान सरकार के उस दावे पर सवाल खड़े किए हैं कि वह देश में आतंकवादी हिंसा पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पा रही है। एक तरफ सरकार भारत के खिलाफ कड़े बयान दे रही है, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी लगातार आतंकी हमलों का सामना कर रहे हैं।

PoJK में विरोध और बल प्रयोग के आरोप

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में भी राजनीतिक असंतोष लगातार बना हुआ है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनावी प्रक्रिया, प्रतिबंधों, इंटरनेट बंद किए जाने और सुरक्षा बलों के बल प्रयोग को लेकर सवाल उठाए गए हैं। गुरुवार को JAAC ने दावा किया कि रावलकोट में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में दो लोग घायल हुए। संगठन ने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग तत्काल रोकने की मांग करते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और मीडिया से हालात पर नजर रखने की अपील की। भारत ने भी PoJK में हिंसा और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लोगों के असंतोष का जवाब ‘गोलियों, ब्लैकआउट और दमन’ से दिया गया और हाल के महीनों में 90 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया।

इमरान खान की जेल से बढ़ा राजनीतिक संकट

पाकिस्तान का संकट सिर्फ सुरक्षा और क्षेत्रीय असंतोष तक सीमित नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की लगातार जेल में मौजूदगी ने राजनीतिक तनाव को भी बनाए रखा है। उनके बेटों सुलेमान खान और कासिम खान ने अपने पिता से परिवार, डॉक्टरों और वकीलों की मुलाकात को लेकर चिंता जताई है। उनका दावा है कि पिछले सात महीनों से उन्हें खान की स्थिति की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई है। इमरान खान 2023 से विभिन्न मामलों में जेल में हैं। वह और उनके समर्थक लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और उनका उद्देश्य उनकी राजनीतिक वापसी को रोकना है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर कार्रवाई ने भी पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

ये भी पढ़ें: Tariff: ‘चीन को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद कर रहे भारत समेत 40 देश’, अमेरिका ने लगाया गंभीर आरोप

भारत की ओर नजर, लेकिन संकट घर के भीतर

ऐसे समय में जब पाकिस्तान आतंकवाद, क्षेत्रीय असंतोष, राजनीतिक दमन और आर्थिक दबाव जैसी कई चुनौतियों से जूझ रहा है, भारत के खिलाफ लगातार तीखी बयानबाजी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। पानी पाकिस्तान के लिए बेहद संवेदनशील और वास्तविक मुद्दा है, लेकिन केवल भारत को चेतावनी देने से उसके घरेलू संकट खत्म नहीं होंगे। बलूचिस्तान से खैबर पख्तूनख्वा और PoJK तक फैली अस्थिरता तथा राजनीतिक स्तर पर जारी टकराव यह संकेत देते हैं कि इस्लामाबाद के सामने चुनौतियां काफी गहरी हैं। ऐसे में शरीफ का ‘पानी की हर बूंद रेड लाइन है’ वाला बयान पाकिस्तान की ताकत दिखाने के बजाय उसकी अंदरूनी परेशानियों से ध्यान हटाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

फ्रांस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन:स्कूलों के गेट पर आगजनी; 170 घायल, 400 हाईस्कूलों पर ताले की नौबत क्यों? – France Student Protests School Closures And Violence Explained

एशियन गेम्स:क्या क्रिकेट के फाइनल में शामिल नहीं होंगे मोहसिन नकवी? भारत-पाकिस्तान के बीच है गोल्ड की जंग – Acc President Mohsin Naqvi Will Miss The India-pakistan Asian Games Final

बिग बॉस 20:कैप्टेंसी टास्क में हुआ तगड़ा क्लेश, काजी और आसिफ के बीच जमकर हंगामा; यूजर्स ने इसे किया सपोर्ट – Bigg Boss 20 Qazi And Asif Clash During Captaincy Task Fans Show Support For Qazi

लेह:केसर की खुशबू से महकेगी लद्दाख की बंजर धरती, चार हजार वर्गमीटर में रोपे गए 90 हजार ईरानी कंद – The Barren Land Of Ladakh Will Be Fragrant With The Aroma Of Saffron.

एशियन गेम्स:कुश्ती में सुजीत कलकल को गोल्ड; आखिरी डेढ़ मिनट में पलटी बाजी, 10 सेकंड में दो अंक लेकर जीता सोना – Wrestler Sujeet Kalkal Stages Stunning Comeback From 2-9 Down To Win Asian Games 2026 Gold

यूपी चुनाव 2027:बसपा ने जलालपुर सीट पर खोला पत्ता, दयाराम राजभर को बनाया प्रत्याशी – Up Elections 2027: Bsp Reveals Its Hand For The Jalalpur Seat; Names Dayaram Rajbhar As Candidate.

Leave a Comment