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भारत के पड़ोसी देश नेपाल को फांसने की फिराक में ड्रैगन, चीनी राजदूत ने पेश किया 4-सूत्रीय प्लान, कैसे बचेंगे PM बालेंद्र शाह?

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  • राजदूत ने नेपाल की संप्रभुता, अखंडता के समर्थन का आश्वासन दिया।

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को चुनौती देने वाला चीन दक्षिण एशिया के कई देशों में अपनी पैठ बनाने के लिए कूटनीति और रणनीति का इस्तेमाल करके जाल बुनता आ रहा है, जिसमें अब तक कई देश फंस चुके हैं और अब चीन भारत के पड़ोसी देश नेपाल को इस जाल में फंसाने की फिराक में लगा हुआ है.

दरअसल, चीन ने नेपाल के साथ अपने संबंधों को लेकर एक चार सूत्रीय रोडमैप की पेशकश की है, जिसमें चीन नेपाल के भीतर अपने बेल्ड एंड रोड इनिएशिएटिव (BRI) के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में भारी निवेश करने की बात कर रहा है. इस बात का संकेत नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग के उस लेख से मिलती है, जो उन्होंने हाल ही में नेपाल के एक अखबार में लिखी है.

नेपाल को लेकर क्या बोले चीनी राजदूत?

नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने काठमांडू पोस्ट में एक कॉलम लिखा है, जिसमें उन्होंने नेपाल को लेकर चीन की रणनीति के बारे में जिक्र किया है. उन्होंने इस लेख में कहा है कि नेपाली भूमि का इस्तेमाल चीनी हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जाएगा.

उन्होंने लिखा, ‘चीन ने हमेशा नेपाल के साथ अपने संबंधों को अपने पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक एजेंडे में प्राथमिकता दी है. नेपाल के प्रति हमारी दोस्ती की नीति में पड़ोसी देश के सभी लोग शामिल हैं. हम नेपाल की राष्ट्रीय संप्रभुता, आजादी और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में उसका समर्थन जारी रखेंगे, लोगों के समर्थन से सुचारू शासन चलाने में नई नेपाली सरकार का साथ देंगे और नेपाल को उसकी राष्ट्रीय वास्तविकताओं के विकास का रास्ता अपनाने में मदद करेंगे.’ 

नेपाल को लेकर क्या है चीन का चार-सूत्रीय रोडमैप?

चीनी राजदूत माओमिंग ने अपने कॉलम में आगे लिखा, ‘चीन और नेपाल, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई है कि उच्च-गुणवत्ता वाले बेल्ड एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत उन्हें अपनी विकास रणनीतियों को एक-दूसरे के मुताबिक लगातार बनाना जारी रखना होगा. इसके साथ ही, विभिन्न इलाकों में आपसी सहयोग को और ज्यादा गहरा करना होगा और तो और अपने द्विपक्षीय संबंधों की गुणवत्ता और दक्षता को भी मजबूत करना होगा, जिसके लिए चार क्षेत्रों की विशेष तौर पर पहचान की गई है. 

जिसमें, पहला सूत्र- सीमा-पार परिवहन, सीमा बुनियादी ढांचे और हवाई संपर्क के विकास में तेजी लाकर चीन और नेपाल के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करना है. इससे दोनों पक्षों के बीच आदान-प्रदान सरल होगा. साथ ही, लॉजिस्टिक एफिशिएंसी बेहतर होगी.

दूसरा सूत्र- नेपाल में बिजली, पावर ग्रिड और स्वच्छ ऊर्जा के इलाके में सहयोग बढ़ाना और नेपाली की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास क्षमता में इजाफा करना.

तीसरा सूत्र- दोनों देशों के बीच व्यापार संरचनाओं को और ज्यादा बेहतर बनाना, जिससे कि आपसी लाभ वाले सहयोग को बढ़ावा मिले. इसके साथ, नेपाल में निवेश और काम करने वाली चीनी कंपनियों के लिए निषपक्ष, कानून के तहत अनुकूल व्यावसायिक वातावरण का निर्माण करना, जिससे कि दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ाया जा सके.

चौथा सूत्र- सरकार के अनुभव पर लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में इजाफा करना. इसके साथ, शिक्षा, युवा, प्रशासन और मीडिया के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना.

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