
भारत पर कई दशकों तक शासन करने वाला द ग्रेट ब्रिटेन अब कई टुकड़ों में बंटने वाला है. स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के नेता यूनाइटेड किंगडम से अलग होने की प्रक्रिया का रास्ता साफ करने को लेकर सोमवार (14 सितंबर, 2026) को एक समझौते पर साइन कर सकते हैं.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन से आजादी को लेकर जनमत संग्रह (Referendums) कराने के अधिकार की मांग करने वाली संयुक्त घोषणा (Joint Declaration) पर स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर्स कार्डिफ में होने वाले शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते पर दस्तखत करेंगे.
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डबलिन यात्रा के दौरान दिए गए उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह यूनाइटेड आयरलैंड को देखना पसंद करेंगे.
ब्रिटेन के पीएम ने क्या दिए संकेत
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने भी देश के सांसदों से कहा था कि अगर किसी अन्य स्कॉटिश रेफ्रेंडम के पक्ष में स्पष्ट सहमति बनती है, तो वह इसकी अनुमति देंगे.
दरअसल, स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) के एक सांसद की तरफ से स्कॉटलैंड के लिए उत्तरी आयरलैंड की तुलना में फॉर्मल सक्सेशन मेकेनिज्म नहीं होने का मुद्दा उठाए जाने पर प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा, ‘उत्तरी आयरलैंड में सीमा को लेकर रेफ्रेंडम तब कराया जाता है, जब इसके पक्ष में जनता की स्पष्ट सहमति हो और यही स्थिति स्कॉटलैंड पर भी लागू होती है.’
To go from “off limits” to this is an acceptance of the reality that the people of Scotland will decide their own future – not the UK Government.
For the first time since 2014, a British Prime Minister accepts that majority support for a referendum should mean one takes place. pic.twitter.com/2DB9AuAybp
— John Swinney (@JohnSwinney) September 9, 2026
बर्नहम ने ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री के प्रश्नकाल के दौरान कीं. दरअसल, ब्रिटेन की संसद में यह परंपरा है, जिसके तहत प्रधानमंत्री प्रत्येक बुधवार को दोपहर में 30 मिनट तक सांसदों के सवालों का जवाब देते हैं.
फर्स्ट मिनिस्टर्स अब क्यों कर रहे मीटिंग?
मई महीने में वेल्स में हुए चुनावों में लेबर पार्टी की हार के बाद अब पहली बार ब्रिटेन के तीनों हस्तांतरित देशों- स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड- में आजादी का समर्थन करने वाली पार्टियां सत्ता में है.
बता दें कि वेल्स में मई में Plaid Cymru कार्डिफ सेनेड में सबसे बड़ी पार्टी बन गई और रून एपी इओरवर्थ ने फर्स्ट मिनिस्टर का पद संभाला. वहीं, SNP ने भी स्कॉटलैंड में मुख्य पार्टी के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि उत्तरी आयरलैंड में सिन फेन ने 2022 में विधानसभा चुनाव जीता था. हालांकि, डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी के वॉकआउट की वजह से मिशेल ओ’नील ने 2024 में फर्स्ट मिनिस्टर का पद संभाला.
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