लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

बॉन्ड यील्ड में उछाल:ब्याज दर और महंगाई के नजरिए में बड़ा बदलाव, जानिए इसका क्या होगा असर – Bond Yield Surge: A Major Shift In Interest Rate And Inflation Outlook

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पिछले कुछ समय से बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। जुलाई में 10 साल की सरकारी प्रतिभूति की यील्ड 6.69 प्रतिशत थी, जो सितंबर के पहले सप्ताह में बढ़कर 6.97 प्रतिशत हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि ब्याज दर और महंगाई के नजरिए में स्पष्ट बदलाव का संकेत देती है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं, जिससे ऋण कोष में निवेश करने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

भारत पर इसका असर इसलिए भी पड़ता है, क्योंकि हम कच्चे तेल और ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक हैं। ऊर्जा संकट के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। बिड के निदेशक विजय कुप्पा ने अमर उजाला डॉटकॉम को बताया कि 10 साल का सरकारी बॉन्ड अर्थव्यवस्था में लंबे समय के लिए उधार लेने की लागत का मानक तय करता है। निवेशकों और बाजार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं। तेल की बढ़ती कीमतें ईंधन, परिवहन और लागत की वजह से भारत में महंगाई बढ़ा सकती हैं। साथ ही, यह व्यापार/चालू खाते की स्थिति को खराब कर सकती हैं और रुपये पर भी दबाव बना सकती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिए हालात मुश्किल हो जाते हैं, क्योंकि आयातित महंगाई मौद्रिक नीति में ढील देने की क्षमता को सीमित कर सकती है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

श्रीराम एएमसी के वरिष्ठ कोष प्रबंधक और प्रमुख निश्चित आय विशेषज्ञ अमित मोदानी ने बताया कि सरकारी यील्ड में हालिया बढ़ोतरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुख्य वजह हैं। दुनिया भर में हो रही घटनाओं का भी इसमें योगदान है। ऊर्जा संकट के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हुई है। भारत कच्चे तेल और ऊर्जा का सबसे बड़ा आयातक होने के कारण इससे प्रभावित होता है। विकसित देशों में बढ़ता राजकोषीय घाटा और कमजोर होती आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है। इसकी वजह से वैश्विक बॉन्ड यील्ड पिछले कुछ दशकों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसका असर भारतीय निवेशकों और बॉन्ड बाजार पर देखने को मिलेगा।

भारतीय वित्तीय बाजारों पर इसका क्या असर होगा?

विजय कुप्पा कहते हैं कि अमेरिकी सरकारी प्रतिभूति बाजार दुनिया भर के लिए जोखिम-मुक्त मानक तय करता है। जब अमेरिकी यील्ड बढ़ती है, तो भारतीय बॉन्ड को अमेरिका के अधिक आकर्षक जोखिम-मुक्त प्रतिफल से मुकाबला करना पड़ता है। हाल ही में अमेरिका की 10 साल की यील्ड करीब 4.8 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि भारत की 10 साल की यील्ड 7 प्रतिशत के आसपास बढ़ गई। इससे आरबीआई की नीति दर में बदलाव के बिना भी घरेलू सरकारी प्रतिभूति यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव बनता है। इसका असर बॉन्ड, शेयर बाजार, रुपये और विदेशी निवेश पर पड़ने की संभावना है। निश्चित आय विशेषज्ञ कौस्तुभ चंद्रभान के अनुसार, विकसित देशों में बॉन्ड यील्ड बढ़ने का सीधा असर भारतीय वित्तीय बाजारों पर पड़ना तय है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) विकासशील देशों से पूंजी निकालकर सुरक्षित विकल्पों में लगाते हैं, जिससे घरेलू शेयर बाजारों और ऋण बाजारों पर दबाव बनेगा।

निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

अमित मोदानी ने सलाह दी है कि निश्चित आय निवेशकों को अभी लंबा नजरिया न रखते हुए छोटी अवधि के गुणवत्ता वाले बॉन्ड पर ध्यान देना चाहिए। मौजूदा वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया में कच्चे तेल के दाम बढ़ने को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। कौस्तुभ चंद्रभान कहते हैं कि यील्ड बढ़ने से निश्चित आय निवेश में ब्याज से होने वाली कमाई के अवसर बढ़े हैं। मौजूदा यील्ड स्तर निवेश शुरू करने के लिए अधिक आकर्षक हो गया है। फिलहाल निवेशकों को निवेश निकालने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने निवेश की अवधि के हिसाब से कोष अवधि को चुनना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक धीरे-धीरे लक्ष्य परिपक्वता कोष में भी निवेश कर सकते हैं। पांच साल से ज्यादा की अवधि वाले निवेशक सरकारी प्रतिभूति कोष पर विचार कर सकते हैं, पर निवेश को निवेश सूची के छोटे हिस्से तक सीमित रखना बेहतर है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

नोरा फतेही:कानूनी मुश्किल में फंसीं नोरा; विमानन कंपनी ने ठोंका मानहानि मुकदमा; क्या है मामला? – Aviation Firm Files Rs 3 Crore Civil Defamation Suit Against Nora Fatehi For Toy Plane Remark

यूपी के इस जिले में दो दिन स्कूल बंद:टूटा 46 साल का बारिश का रिकॉर्ड, 24 घंटे में 381.2 मिमी बारिश हुई दर्ज – Schools In Bareilly To Remain Closed For Two Days Due To Rain

अर्शदीप ने गर्लफ्रेंड समरीन कौर पर लुटाया प्यार:रोमांटिक अंदाज में दी जन्मदिन की बधाई, साझा की खूबसूरत तस्वीर – Cricketer Arshdeep Singh Wished Girlfriend Samreen Kaur Happy Birthday Through A Series Of Pictures

ह्यूंदै की बेयॉन-आधारित नई क्रॉसओवर एसयूवी की डिटेल्स लीक:क्रेटा से नीचे रखी जाएगी, कितनी हो सकती है कीमत? – Hyundai Bayon-based Crossover Suv Leaked Specs: Check Expected Price, Design And Engine Options

तिब्बत बाढ़:चीन ने लापता भारतीयों की पहचान के लिए मांगे डीएनए नमूने, दूतावास ने बताया- कैसे देनी है जानकारी? – China Sought Dna Samples For Missing Indian Nationals Following Devastating Tibet Flood

सत्य निकेतन हादसा:pg लेने से पहले कैसे समझें कि बिल्डिंग मजबूत है या नहीं? इन 8 बातों का रखें खास ध्यान – Safety Tips For Pg And Rental Flats: 8 Structural Checks Before Moving In

Leave a Comment