जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर फिर हमला बोला। उन्होंने सम्राट चौधरी को ‘अनपढ़ अपराधी’ कहा। किशोर ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को बिहार चलाने की जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती।

‘बेचारा’ कहने पर क्यों भड़के?
किशोर सहरसा में थे। वहां पत्रकारों ने उनका ध्यान सम्राट चौधरी के हालिया साक्षात्कार की ओर दिलाया। इस साक्षात्कार में मुख्यमंत्री ने बांकीपुर के विधायक के लिए ‘बेचारा’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
प्रशांत किशोर ने क्या पलटवार किया?
किशोर ने तंज कसते हुए कहा, सम्राट चौधरी मुझे बेचारा कह रहे हैं, तो वह सही हैं। क्योंकि मेरे पास बिहार को उनके जैसे अनपढ़ अपराधी से मुक्त कराने के लिए लड़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
पहले भी क्या कहते रहे हैं?
किशोर लंबे समय से सम्राट चौधरी के लिए ‘अनपढ़’ और ‘अपराधी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते रहे हैं। बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया।
बांकीपुर उपचुनाव में क्या कहा था?
बांकीपुर सीट पर उपचुनाव से पहले किशोर ने लोगों से उन्हें वोट देने की अपील की थी। यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद हुआ था। किशोर ने कहा था कि अगर वह जीतते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान सम्राट चौधरी के खिलाफ लोगों की नाराजगी पर जाएगा।
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बिहार में बाढ़ पर क्या बोले?
एक दूसरे सवाल के जवाब में किशोर ने कहा कि बिहार में पिछले 80 साल से बाढ़ बार-बार आती रही है। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। किशोर ने बताया कि इलाके के लंबे दौरे के दौरान उन्हें ऐसे परिवार मिले, जो बाढ़ की वजह से साल में दो से तीन बार अपना घर छोड़ने को मजबूर होते हैं।
बाढ़ का समाधान क्यों नहीं हो रहा?
किशोर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक व्यवस्था बाढ़ की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश नहीं करती। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मौका मिलता है। किशोर ने कहा कि इसी वजह से जल संसाधन विभाग को अहम विभाग माना जाता है।
उन्होंने इसकी तुलना लोक निर्माण विभाग से की। किशोर ने दावा किया कि खराब सड़क बनाने पर लोक निर्माण मंत्री को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। लेकिन जल संसाधन मंत्री एक ऐसा तटबंध बनवाने के बाद आसानी से जांच से बच सकता है, जो एक साल में ही बाढ़ में बह जाए।
शराबबंदी कानून पर क्या कहा?
जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने राज्य के शराबबंदी कानून का भी विरोध दोहराया। उन्होंने इस कानून को ‘फर्जी’ बताया। किशोर ने चेतावनी दी कि पंजाब में नशे की समस्या के कारण ‘उड़ता पंजाब’ की चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि अगर इस बेकार कानून को खत्म नहीं किया गया, तो बिहार भी ‘उड़ता बिहार’ बन सकता है।

