बदायूं जिले के निजामपुर के रहने वाले कुंवरपाल ने बताया कि अल्लापुर चमारी, सरैय्या, चेतु नंगला, मदारपुर उस्मानपुर, निजामपुर, गौसपुर बिनावर और रसूलपुर समेत कई गांवों के 35 श्रद्धालु दो सितंबर को पिकअप गाड़ी में राजस्थान के हनुमानगढ़ में गोगामेड़ी के बागड़ धाम मंदिर में गए थे। धाम में दर्शन और पूजा करने के बाद रविवार सुबह नौ बजे वापस चल दिए। पिकअप को अरुण निवासी अल्लापुर चला रहा था।
रविवार रात डेढ़ बजे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बड़ागांव के पास पहुंचे तो चालक अरुण ने डासना की जगह गलती से पिकअप को बड़ागांव कट से नीचे उतार दिया। उसे नीचे टोल प्लाजा पर गलत उतरने का पता लगा तो वह दूसरी साइड से एक्सप्रेसवे पर हरियाणा के कुंडली की तरफ जाने वाली सड़क पर चढ़ गया। वहां से दो सौ मीटर आगे जाते ही एक्सप्रेसवे में चालक ने यू-टर्न समझा और पिकअप को मोड़ने के लिए दूसरी से पहली लेन में लेकर जाने लगा।
तभी गाजियाबाद की तरफ से तेज गति से आ रहे कैंटर ने उसमें साइड मार दी। पिकअप गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलट गई और सभी श्रद्धालु एक्सप्रेसवे पर कई-कई फिट उछलकर नीचे गिरे। हादसा होते ही एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई और वे बचाव के लिए चिल्लाने लगे। वहां वाहन रुक गए और आधा घंटे तक जमा लग गया। राहगीरों ने डायल-112 को सूचना दी तो वहां आए पुलिसकर्मियों ने घायलों को एंबुलेंस व अन्य वाहनों से खेकड़ा सीएचसी और जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में किशोर समेत छह श्रद्धालुओं को मृत घोषित कर दिया गया। यहां तीन को भर्ती कर लिया गया, जबकि अन्य को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं मिलने के कारण मेरठ मेडिकल कॉलेज व जीटीबी दिल्ली रेफर किया गया। मेरठ मेडिकल कॉलेज में भी उपचार के दौरान एक बच्ची व उसके भाई समेत सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई। डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय रात में जिला अस्पताल पहुंचे। वहीं सोमवार को एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने घटनास्थाल का निरीक्षण करने के साथ ही जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।






