
Vastu Tips for study room: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा मन लगाकर पढ़ाई करे और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करे. इसके लिए पढ़ाई में मेहनत और सही दिनचर्या के साथ-साथ शांत और व्यवस्थित माहौल भी जरूरी है. वास्तु शास्त्री बाबा बिमलेश बताते हैं कि वास्तु शास्त्र में अध्ययन कक्ष की दिशा और वहां रखी चीजों को महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि सही दिशा और सकारात्मक वातावरण से पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बनाया जा सकता है.
स्टडी रूम के लिए कौन-सी दिशा शुभ है?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पूर्व और उत्तर-पूर्व यानी ईशान दिशा को पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है. कहा जाता है कि इन दिशाओं का संबंध सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता से होता है. अगर घर में अलग स्टडी रूम बनाना संभव न हो, तो बच्चे की पढ़ाई की जगह इन दिशाओं में रखने की कोशिश की जा सकती है.
पढ़ते समय किस दिशा में हो चेहरा?
वास्तु के अनुसार, पढ़ाई करते समय बच्चे का चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे एकाग्रता बनाए रखने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है.
स्टडी टेबल कहां रखें?
स्टडी टेबल ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी और हवा आती हो. टेबल के आसपास अनावश्यक सामान न रखें. बैठने की जगह आरामदायक और व्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि पढ़ते समय बच्चे का ध्यान बार-बार न भटके.

कमरे में रखें पर्याप्त रोशनी
स्टडी रूम में अंधेरा या बहुत कम रोशनी रखना वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता. कोशिश करें कि दिन के समय प्राकृतिक रोशनी कमरे में आती रहे. रात में पढ़ाई के लिए पर्याप्त और आंखों को आराम देने वाली लाइट का इस्तेमाल करें.
साफ-सफाई का रखें ध्यान
स्टडी टेबल पर पुराने कागज, टूटे खिलौने और बेकार सामान जमा न होने दें. साफ और व्यवस्थित जगह पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बनाने में मदद करती है.

दीवारों के लिए चुनें हल्के रंग
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, स्टडी रूम में सफेद, क्रीम, हल्का पीला, आसमानी या हल्का हरा जैसे रंग अच्छे माने जाते हैं. ये रंग कमरे को शांत और सकारात्मक लुक देते हैं.
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