पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मंगलवार को राज्य प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि चुनाव के बाद होने वाली किसी भी तरह की हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया है।
हिंसा की घटनाओं पर आयोग की कार्रवाई
चुनाव आयोग ने यह सख्त निर्देश राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसक वारदातों के बाद जारी किए हैं। मंगलवार को बंगाल में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में कथित तौर पर दो लोगों की जान चली गई। इसके अलावा राज्य के कई इलाकों से राजनीतिक दलों के कार्यालयों में तोड़फोड़ और लूटपाट की खबरें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने आला अधिकारियों को तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लेने को कहा है।
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शांति भंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट की कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘शांति भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव बाद की हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है। इसमें शामिल व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।’
प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच तालमेल पर जोर
आयोग ने राज्य प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों को ही हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने को कहा गया है। अधिकारी ने आगे कहा, ‘स्थिति को काबू में रखने के लिए पर्याप्त तैनाती और प्रशासन-सीएपीएफ के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया है।’ इससे पहले चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों के राज्यपालों को अधिसूचना जारी कर नई विधानसभा का रास्ता साफ कर दिया।
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