लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

बंगाल:चुनावी हिंसा रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, हाई-लेवल कमेटी गठन की मांग; 2021 हिंसा का हवाला – Bengal Election Violence Supreme Court Petition Capf Sit Monitoring Committee Law Order

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा से जुड़ी एक लंबित याचिका के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए, सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया जाए। यह याचिका सनातनी संसद नाम की संस्था ने दायर की है। 

याचिका में क्या?

याचिका में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने कोर्ट को जो आश्वासन दिए थे, वे जमीन पर सच साबित नहीं हो रहे हैं। राज्य में अब भी हिंसा, वोटरों को डराना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हो रही हैं। आरोप है कि सत्ताधारी दल के समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट में गलत तरीके से जोड़े जा रहे हैं, चाहे वे इसके योग्य हों या नहीं।

अर्जी में 2021 के विधानसभा चुनाव जिक्र

इस अर्जी में साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का विस्तार से जिक्र है। याचिकाकर्ता ने मानवाधिकार आयोग और कलकत्ता हाई कोर्ट की रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय हत्या, बलात्कार और आगजनी जैसी भयानक घटनाएं हुई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि 60 फीसदी मामलों में पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी। पीड़ितों को अब तक पूरा मुआवजा भी नहीं मिला है।

ये भी पढ़ें: Tamil Nadu Exit Poll: एग्जिट पोल में विजय का ‘ब्लॉकबस्टर’ डेब्यू, सीएम के लिए बने पहली पसंद; स्टालिन को पछाड़ा

अर्जी के मुताबिक, पुराने मामलों के कई आरोपी अब भी जमानत पर बाहर हैं, जिससे वोटरों के मन में डर बैठा हुआ है। याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मार्च में दिए गए एक भाषण का भी जिक्र है। कहा गया है कि यह भाषण पुरानी हिंसा की याद दिलाता है और लोगों को डराने का काम करता है।

कोर्ट से की गई मांग

कोर्ट से मांग की गई है कि संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की तैनाती की जाए। निगरानी कमेटी की मंजूरी के बिना पुलिस अफसरों के तबादले न हों। हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की जांच के लिए एसआईटी (SIT) बनाई जाए। हर जिले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बने ताकि मामलों का फैसला जल्दी हो सके। इसके अलावा गवाहों की सुरक्षा और चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा के लिए भी कड़े कदम उठाने की अपील की गई है।

अन्य वीडियो-


Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

खोड़ा में खूनी खेल:शादी टूटी तो बौखलाया युवक, घर में घुसकर मंगेतर को मारी गोली; 1.5 साल पहले तय हुआ था रिश्ता – Enraged Over Broken Marriage Alliance Man Barged Into House In Khoda And Shot Woman

Kalki Koechlin Kriti Sanon Sells Apartment In Mumbai Andheri West In Crore Rupees – Entertainment News: Amar Ujala

उद्धव गुट में फिर टूट?:ऑपरेशन टाइगर के बीच कृपाल तुमाने का दावा, सात सांसद और 16 विधायक हमारे संपर्क में – Kripal Tumane Claims 7 Mps And 16 Mlas From The Uddhav Faction Are In Contact With Them

ममता ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा:भवानीपुर में हार पर रार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जीत को दी चुनौती – Bhabanipur Election Petition Calcutta High Court Mamata Banerjee

‘ज्यादा हिंसा थी…’ दीपिका के पिता प्रकाश पादुकोण को नहीं पसंद आई ‘धुरंधर’? रणवीर की एक्टिंग पर क्या कहा? – Deepika Padukone Father Prakash Padukone Review Ranveer Singh Dhurandhar Says Its Too Violent

भारतीय सिनेमा में डेब्यू करेंगे ‘द मम्मी’ फेम अर्नोल्ड वोस्लू, विजय की फिल्म में निभाएंगे विलेन का किरदार – Hollywood Actor Arnold Vosloo Play Sir Theodore Hector In Rashmika Mandanna Vijay Devarakonda Movie Ranabaali

Leave a Comment