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फुटबॉलर एर्लिंग हालैंड की ये 5 आदतें बनाती हैं उन्हें सुपरफिट, आप भी कर सकते हैं फॉलो

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Erling Haaland Fitness Routine: फुटबॉल के मैदान पर बिजली की रफ्तार से दौड़ने वाले एर्लिंग हालैंड की फिटनेस का हर कोई दीवाना है. वह जिस तरह से गोल दागते हैं, उसे देखकर लगता है कि उनके अंदर कोई सुपरपावर है. लेकिन असल में यह सुपरपावर कुछ और नहीं, बल्कि उनका बेहद कड़ा और अनोखा लाइफस्टाइल रूटीन है. हालैंड खुद को फिट और एनर्जेटिक रखने के लिए जिन आदतों को फॉलो करते हैं, उनके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. आइए उनकी इन खास आदतों (Erling Haaland Fitness Routine) के बारे में जानते हैं.

डाइट में शामिल है ‘किंग साइज’ न्यूट्रिशन

हालैंड का खाने-पीना, जो आम लोगों से बिल्कुल अलग है. हालैंड अपनी डाइट में ऐसी चीजें शामिल करते हैं जो शरीर को सबसे ज्यादा न्यूट्रिशन दें. उनके खाने में मुख्य रूप से ऑर्गन मीट शामिल होता है. इसके अलावा वह खमीर वाली रोटी पर अंडे और शुद्ध लोकल शहद खाना पसंद करते हैं. वह प्रोसेस्ड फूड और पैकेट वाली चीजों से कोसों दूर रहते हैं.

सुबह की शुरुआत और धूप का कनेक्शन

हालैंड के दिन की शुरुआत बहुत ही नेचुरल तरीके से होती है. वह सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी आंखों और शरीर को धूप दिखाते हैं. सुबह की ताजी धूप लेने से शरीर का ‘सार्केडियन रिदम’ (बॉडी क्लॉक) सही रहता है, जिससे रात में नींद अच्छी आती है और दिनभर शरीर में फुर्ती बनी रहती है.

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‘ब्लू लाइट’ से दूरी और बेहतरीन नींद (Erling Haaland Fitness Routine)

हालैंड के लिए रिकवरी का सबसे बड़ा जरिया है गहरी और सुकून भरी नींद. सोने से कुछ घंटे पहले वह खास तरह के ‘ब्लू-लाइट ब्लॉकिंग’ चश्मे पहनते हैं. यह चश्मा मोबाइल, लैपटॉप और टीवी से निकलने वाली खतरनाक स्क्रीन लाइट को रोकता है, जिससे उनके दिमाग को शांत होने में मदद मिलती है. वह रात में इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स को खुद से बिल्कुल दूर कर देते हैं ताकि नींद की क्वालिटी खराब न हो.

ट्रेनिंग के दौरान सांस लेने की टेक्नीक

मैदान पर अपनी सांस और स्टैमिना को काबू में रखने के लिए हालैंड ट्रेनिंग के वक्त भी एक खास टेक्नीक अपनाते हैं. जब वह हल्की या मध्यम स्तर की ट्रेनिंग (Low-to-moderate training) कर रहे होते हैं, तो वह जानबूझकर सिर्फ अपनी नाक से सांस लेते हैं. यह तकनीक फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाती है और मैच के दौरान उन्हें जल्दी थकने नहीं देती.

क्रायोथेरेपी’ और आइस बाथ का सहारा

मैच और हैवी ट्रेनिंग के बाद मांसपेशियों (Muscles) की थकान मिटाने के लिए हालैंड क्रायोथेरेपी और आइस बाथ (Erling Haaland Fitness Routine) का इस्तेमाल करते हैं. बहुत ज्यादा ठंडे तापमान में कुछ मिनट बिताने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, सूजन कम होती है और मसल्स बहुत तेजी से रिकवर होती हैं. यही वजह है कि वह बैक-टू-बैक मैचों में भी बिना थके दौड़ पाते हैं.

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