टीवी की मशहूर ‘बालिका वधू’ यानी आनंदी के नाम से जानी जाने वाली अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी की आत्महत्या मामले में कोर्ट ने अपनी ओर से फैसला सुना दिया है। जानिए क्या है पूरा केस।
क्या है पूरा मामला?
24 साल की प्रत्युषा बनर्जी 1 अप्रैल 2016 को गोरेगांव वेस्ट स्थित अपने किराए के फ्लैट में फांसी पर लटकी मिली थीं। उनकी मां सोमा बनर्जी की शिकायत पर बांगुर नगर पुलिस ने राहुल राज सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 323, 504, और 506 के तहत केस दर्ज किया था। आरोप था कि राहुल ने उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया।
राहुल को जुलाई 2016 में हाई कोर्ट से ही अग्रिम जमानत मिल गई थी। 2018 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने डिस्चार्ज के लिए अर्जी लगाई, जिसे डिंडोशी सेशन कोर्ट ने अगस्त 2023 में खारिज कर दिया था। सेशन कोर्ट ने तब कहा था कि गवाहों के बयान से लगता है कि आरोपी ने मृतका की जिंदगी नर्क बना दी थी।
राहुल की ओर से सीनियर वकील आबाद पोंडा और श्रेयांश मिठारे ने दलील दी कि एफआईआर जल्दबाजी में दर्ज की गई, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या से एक घंटे पहले की आखिरी फोन रिकॉर्डिंग में राहुल प्रत्युषा को कोई भी कदम न उठाने के लिए समझा रहे थे और अपना प्यार जता रहे थे। राहुल ही वह व्यक्ति था जिसने दरवाजा खुलवाया और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की।

