लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर होने वाली चर्चा से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हिस्सा लेंगे। हालांकि, विपक्ष ने साफ किया है कि वह छात्र प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब चाहता है।

क्या कांग्रेस पेपर लीक विधेयक का समर्थन कर रही है?
इंडिया गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और विपक्ष पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए विधेयक या उस पर चर्चा के खिलाफ नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षाओं को मजबूत बनाने वाले हर कदम का समर्थन किया जाएगा, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और कथित अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर सरकार को जवाब देना होगा।
क्या विपक्ष ने चर्चा के लिए शर्त रखी है?
विपक्ष का कहना है कि वह संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और जवाबदेही के मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। विपक्ष का मानना है कि इस विषय पर जवाब मिलने के बाद ही सार्थक चर्चा हो सकती है।
क्या विपक्ष ने बनाई साझा रणनीति?
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने और दिनभर की कार्यवाही को लेकर समन्वय पर चर्चा की गई।
क्या पेपर लीक विधेयक में सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है?
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को और सख्त बनाना है। प्रस्ताव के अनुसार दोषियों के लिए न्यूनतम सजा तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष और अधिकतम सजा पांच वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष तक करने का प्रावधान किया गया है।
क्या प्रमोद तिवारी ने सरकार पर सवाल उठाए?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे पहले छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित बर्बरता का जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार पेपर लीक को लेकर गंभीर थी तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी सरकार से जवाब देने की मांग की।