पाकिस्तान में बहुत बड़े संभावित ऊर्जा संकट के संकेत सामने आए हैं। पाकिस्तान की प्रमुख तेल रिफाइनिंग कंपनी अटॉक रिफाइनरी ने पाकिस्तान सरकार और ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (ओगरा) को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में कंपनी ने चेतावनी दी है कि सड़क प्रतिबंधों और सुरक्षा बंदिशों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति पाकिस्तान में बहुत बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो रिफाइनरी संचालन बंद करने की नौबत आ सकती है। जिससे समूचे पाकिस्तान में बड़ा संकट आ जाएगा। इस वजह से पाकिस्तान में हवाई अड्डे, डिफेंस सिस्टम और पावर ग्रिड के बंद होने का सबसे बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इसकी चेतावनी भी रिफाइनरी की ओर से जारी कर दी गई है। अमर उजाला के पास इस गोपनीय चिट्ठी की कॉपी मौजूद है। जिसमें पाकिस्तान की खराब हो रही हालत की पूरी जानकारी दी गई है।
तेल टैंकरों को यातायात प्रतिबंधों से छूट की मांग
चिट्ठी के अनुसार एआरएल ने सरकार से तेल टैंकरों को यातायात प्रतिबंधों से तत्काल छूट देने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि रावलपिंडी और आसपास के इलाकों में लागू यातायात नियंत्रण और सड़क बंदी के चलते रिफाइनरी तक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आवाजाही बाधित हो गई है। कंपनी के मुताबिक बड़ी संख्या में तेल टैंकर शहर की सीमाओं में फंसे हुए हैं। जिससे कच्चे तेल को उनकी रिफाइनरी तक पहुंचने में लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं रिफाइनरी से उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पेट्रोल और हाईस्पीड डीजल की मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
कच्चा तेल ईकाई बंद होने के आसार
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि प्रतिबंध जल्द नहीं हटाए गए तो रिफाइनरी की मुख्य कच्चा तेल इकाई को बंद करना पड़ सकता है। कंपनी ने चेतावनी दी कि ईंधन की आवाजाही बाधित होने का असर हवाईअड्डों, रक्षा प्रतिष्ठानों और बिजली उत्पादन इकाइयों पर पड़ सकता है। रिफाइनरी की ओर से यह चिट्ठी पिछले महीने लिखीं गई थी। लेकिन अब तक रावलपिंडी में स्थितियां वैसी ही बनी हुई हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान की हालात और खराब हो रही है।
लंबे समय से समस्या से जूझ रहा
विदेशी मामलों के जानकार और पूर्व राजनयिक डॉक्टर आलोक सिन्हा का कहना है कि पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक अस्थिरता और ऊर्जा निर्भरता की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में अगर पाकिस्तान की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होती है तो उसका असर परिवहन, बिजली उत्पादन और सैन्य आपूर्ति व्यवस्था तक दिखाई देना तय है। रिटायर्ड ब्रिगेडियर एसपी सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान की ईंधन परिवहन व्यवस्था बाधित होने पर उसका असर पूरे पाकिस्तान पर पड़ने लगा है।


