लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

पश्चिम एशिया:परमाणु मुद्दे से बड़ी है जंग रोकने की अग्निपरीक्षा, निर्णायक होगी 60 दिन की अवधि – Permanent Ceasefire Iran Us Nuclear Deal 60 Day Period Test War Ending Agreement

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का जो ढांचा तय हुआ है, उसको पश्चिम एशिया में स्थायी शांति बहाली की कसौटी पर परखने के लिए 60 दिन की अवधि तय की गई है। यहां तक पहुंचने के लिए अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर अपने रुख को काफी नरम किया है। ईरान पर समझौते के लिए सबसे पहले परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद करने की शर्त नहीं थोपी गई है। बल्कि बातचीत के लिए उसे पूरा समय दिया। जाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट बीच ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक बड़ा मुद्दा रहा है। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि समझौते से पुख्ता समाधान तक पहुंचने के लिए तय की गई 60 दिन की अवधि परमाणु मुद्दे से कहीं ज्यादा जंग को स्थायी रूप से रोकने की अग्निपरीक्षा है। अगले दो महीनों में तय होगा कि अमेरिका और ईरान के बीच परस्पर भरोसा कितना मजबूत होता है। समझौता मानने से इन्कार कर चुका इस्राइल आगे क्या रुख अपनाता है। बम, ड्रोन और मिसाइलों के इस्तेमाल में कितना संयम बरता जाता है, और समझौते की शर्तों का कितनी शिद्दत से पालन किया जाता है, क्योंकि यही पश्चिम एशिया में शांति की राह तय करने में निर्णायक साबित होगा। 

चार बातों पर टिका समाधान


  • इस्राइल की आक्रामक कार्रवाइयों पर अमेरिका किस हद तक नियंत्रण रख पाता है।

  • अमेरिकी नौसेना ईरानी समुद्री क्षेत्र के पास अपनी नाकेबंदी कितनी तेजी से हटाती है।

  • अमेरिका और उसके अरब सहयोगी ईरान के फंड को कितनी जल्दी जारी करते हैं। 

  • क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य वापसी का दायरा कितना बड़ा और वास्तविक होता है।

परमाणु मुद्दे पर ईरान का पलड़ा भारी: यह बात काफी हद तक साफ हो चुकी है कि अमेरिका-इस्राइल युद्ध अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहा। इसके विपरीत, ईरान अभूतपूर्व भू-राजनीतिक फायदा उठाने में सफल रहा। परमाणु वार्ता पर उसकी स्थिति मजबूत हुई है। यह समझौता परमाणु मुद्दे को युद्ध से पहले (27 फरवरी की स्थिति) की स्थिति पर छोड़ देता है। युद्ध से पहले अमेरिका के पास ईरान पर दबाव बनाने के दो मुख्य साधन थे। कड़े आर्थिक प्रतिबंध, जिन्होंने ईरान को वैश्विक अर्थव्यवस्था से अलग-थलग कर दिया था और परमाणु ठिकानों को नेस्तनाबूद करना। जून 2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान नातंज, इस्फहान और फोर्डो में ईरान के परमाणु केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचाना इसका प्रमाण है।

ईरान ने इस पूरी जंग के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण के जरिये अमेरिका के दबाव को काफी कम कर दिया। उसने अमेरिकी सहयोगियों के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को जमकर नुकसान पहुंचाया। ईरान ने अमेरिका-इस्राइल के मुकाबले दोगुने ठिकानों को तबाह करके अपनी ताकत साबित की है।

ईरान से परमाणु ईंधन निकालने की जल्दी नहीं, मलबे के नीचे दबा है ज्यादातर हिस्सा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, उन्हें बम बनाने योग्य ईंधन को ईरान के भूमिगत ठिकानों से निकालने की कोई जल्दी नहीं है, जहां इसका ज्यादातर हिस्सा एक साल पहले अमेरिका की ओर से नतान्ज, फोर्डो और इस्फहान, सभी प्रमुख परमाणु केंद्रों पर बम गिराए जाने के बाद दबा हुआ है। उन्होंने कहा, अमेरिका समय के साथ ईरान के साथ मिलकर संवर्धित परमाणु सामग्री को निकालेगा और उसे नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा, ईरान पर मिसाइल हमलों और बमबारी ने ही फर्क पैदा किया। उन्होंने कहा, वे तीसरा हमला नहीं चाहते थे। उन्हें अपनी जान की परवाह है। ट्रंप ने कहा, असल बात यह है कि हमारे हमलों का इस समझौते पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा। अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके पास मौजूद 12 टन संवर्धित परमाणु ईंधन को निकालने, उसका निम्नीकरण करने और उसे हटाने का काम करेगा। ओबामा समझौते के तहत, देश के भंडार का 97 प्रतिशत हिस्सा रूस को भेज दिया गया था।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

बॉक्स ऑफिस:दूसरे ही दिन ‘दायरा’ से दूर हुई पब्लिक, कुणाल भी पड़े सुस्त; हॉलीवुड ने फिर बॉलीवुड को पछाड़ा – Vibe Box Office Collection Vs Daayra Box Office Report Resident Evil Earns More Than Bollywood Films

खबरों के खिलाड़ी:क्या दलबदल कानून को और सख्त करने का आ गया समय, विश्लेषकों ने बताया इसका क्या रास्ता – Khabaron Ke Khiladi Anti Defection Law Dal Badal Kanoon Bjp Tmc Congress Shivsena Expert Analysis

एशियाई खेल:जापान की पिच को लेकर क्या बोले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर? हालात के हिसाब से ढलने पर दिया जोर – Asian Games Indian Captain Shreyas Iyer On Pitch In Japan Emphasized Adapting To The Conditions

कौन हैं डूसू के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन?:एनएसयूआई ने नहीं दिया टिकट तो खाई कसम, पूरा प्रचार नंगे पैर किया – Who Is Deepanshu Shaukeen New Dusu Vice President Profile In Hindi

एशियाई खेल:उद्घाटन समारोह के बाद भावुक हुईं मनु भाकर, जसपाल राणा को किया याद; बोलीं- सर की बहुत याद आई – Olympic Medallist Manu Bhaker Said She Missed Her Late Coach Jaspal Rana During Asian Games Opening Ceremony

गृह मंत्री अमित शाह को फूड पॉइजनिंग:प्रल्हाद जोशी बोले- अब स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक; डॉक्टरों ने क्या सलाह दी? – Home Minister Amit Shah Suffers Food Poisoning Pralhad Joshi Says He Is Now Fine What Did Doctors Advise?

Leave a Comment