अमेरिकी सेना की ओर से जुलाई में किए गए हमलों में अब तक 35 लोगों की मौत हुई है और 300 से अधिक घायल हुए हैं। मृतकों में दो महिलाएं और 18 साल से कम उम्र का एक किशोर भी शामिल है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमनपूर ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि होर्मुजगान, सिस्तान और बलूचिस्तान और खुजिस्तान प्रांतों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अभी भी 72 घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
क्या ईरान अमेरिका से बातचीत करेगा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि फिलहाल बातचीत की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान का फोकस अपनी रक्षा पर है।
अमेरिकी सेना ने बुधवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उसकी सेना ने मंगलवार को ईरान में किसी नागरिक गेहूं भंडारण केंद्र को निशाना बनाया।
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अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों का उद्देश्य तेहरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल वह होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने के लिए कर रहा है।

