भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता तेजस्वी सूर्या ने रविवार को कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शहर में नीट परीक्षा के दिन कांग्रेस की विशाल रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम हुआ। इससे कई छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, सूर्या का नाम लिए बिना राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने उन्हें गलत जानकारी फैलाने वाला सांसद बताया। उन्होंने आरोपों को आधा सच करार दिया और बताया कि वास्तव में क्या हुआ था।

सूर्या जिस कार्यक्रम का जिक्र कर रहे थे, वह यहां पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस का विशाल सम्मेलन था। यह सम्मेलन पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बीके हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
भाजपा सांसद ने क्या आरोप लगाए?
- तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी रैली के लिए कोई भी दूसरा दिन चुन सकती थी। लेकिन उसने वही दिन चुना, जिस दिन हजारों छात्र नीट परीक्षा दे रहे थे।
- उन्होंने कहा कि भारी ट्रैफिक जाम के कारण कई छात्र देर से पहुंचे और कुछ को घबराहट की स्थिति में परीक्षा केंद्र पहुंचकर अधिकारियों से अंदर जाने की अनुमति मांगनी पड़ी।
- उन्होंने कहा कि परीक्षा अधिकारियों ने छात्रों की स्थिति को देखते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया और अतिरिक्त समय भी प्रदान किया।
- सूर्या ने आरोप लगाया कि पिछले कई हफ्तों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों और परीक्षाओं को लेकर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहा रहे हैं।
- बंगलूरू दक्षिण से सांसद सूर्या ने कहा कि यदि उनकी वास्तव में ईमानदार चिंता होती, तो उनकी पार्टी शहर के बीचोंबीच भारत की सबसे अहम प्रवेश परीक्षाओं में से एक के समय इतनी बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित नहीं करती।
- उन्होंने कहा, छात्रों को संवेदनशीलता चाहिए, राजनीतिक दिखावा नहीं। छात्रों की चिंता केवल दिल्ली में नारेबाजी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और बंगलूरू में छात्रों के लिए परेशानी का कारण भी नहीं बननी चाहिए।
प्रियांक खरगे ने पलटवार करते हुए क्या कहा?
जवाब में मंत्री प्रियांक खरगे ने सांसद का नाम लिए बिना कहा, हमेशा की तरह गलत जानकारी फैलाने वाले सांसद वही कर रहे हैं, जो वह सबसे ज्यादा करते हैं – आधे-अधूरे तथ्य पेश करना और बेवजह का विवाद खड़ा करना। तथ्य प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि आरसी कॉलेज को नीट परीक्षा केंद्र बनाया गया था और वहां कुल 720 छात्रों ने परीक्षा देनी थी। लेकिन इनमें से 142 छात्र अनुपस्थित रहे। केवल तीन छात्र परीक्षा नहीं दे पाए।
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उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि मंगड़ी से आने वाली एक छात्रा समय पर बस नहीं मिलने के कारण देर से पहुंची और परीक्षा से वंचित रह गई। उन्होंने कहा, एक अन्य उम्मीदवार पुराने प्रवेश पत्र के साथ पहुंचा, जो तीन मई को हुई परीक्षा का था। इसलिए उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई। मंत्री ने बताया कि आरटी नगर क्षेत्र से आने वाला केवल एक अभ्यर्थी परीक्षा से चूक गया और उसके पीछे का सही कारण अभी पता लगाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस ने पहले से ही सार्वजनिक सूचनाएं और ट्रैफिक संबंधी एडवाइजरी जारी कर दी थीं। खरगे ने कहा कि छात्रों की चिंता दिखाने वाले भाजपा सांसद उस समय चुप थे, जब उनकी ही ‘अयोग्य सरकार’ की वजह से नीट परीक्षा में कुप्रबंधन, प्रश्न पत्र लीक और अव्यवस्था के कारण 22 लाख से अधिक छात्रों को परेशानी हुई थी और रिपोर्टों के अनुसार 10 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी।
