- टीसीएस ने नासिक में धार्मिक परिवर्तन, यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया।
- कंपनी के इंटरनल चैनलों पर किसी शिकायत के दर्ज न होने का दावा।
- मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बोर्ड के निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी गठित।
- पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया, एक महिला एचआर हेड शामिल।
TCS Nashik Case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) नासिक से जुड़े धार्मिक परिवर्तन और यौन दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के बीच कंपनी की ओर से शुक्रवार को सफाई दी गई. कंपनी ने कहा है कि इस तरह के मामलों को लेकर उसे अपने किसी भी इंटरनल चैनल के जरिए कोई शिकायत नहीं मिली है. आइए जानते हैं, कंपनी का इस विषय पर क्या हैं कहना?
कंपनी का क्या हैं कहना?
टीसीएस के अनुसार नासिक यूनिट से जुड़े सिस्टम और रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में भी इस तरह के किसी आरोप की शिकायत सामने नहीं आई है. बतौर टीसीएस, न तो एथिक्स चैनल और न ही POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) से जुड़े प्लेटफॉर्म पर इस तरह की कोई रिपोर्ट दर्ज हुई है.
जांच के लिए बनाई गई कमेटी
मामले की जांच को और मजबूत बनाने के लिए कंपनी ने एक ओवरसाइट कमेटी गठित करने का फैसला लिया हैं. साथ ही बाहरी संस्थाओं को भी जांच प्रक्रिया में शामिल करने की बात सामने आ रही है. कमेटी बनाने के पीछे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है. कंपनी के मुताबिक, इस कमेटी की जिम्मेदारी बोर्ड के स्वतंत्र निदेशक Keki Mistry को सौंपी गई हैं.
पुलिस अब तक इस जांच में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं. जिनमें 1 महिला एचआर हेड भी शामिल हैं. वहीं, एक अन्य कर्मचारी, निदा खान, अभी फरार बताई जा रही हैं.
TCS नासिक केस
पुलिस की जांच के अनुसार यह मामला एक महिला की शिकायत के बाद सामने आया. जिसमें उसने अपने साथ काम करने वाले दानिश शेख पर आरोप लगाया कि 2022 में उसने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा था.
पुलिस के अनुसार, दानिश शेख की बहन निदा खान पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि निदा ने शिकायतकर्ता के धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और उस पर धर्म परिवर्तन को लेकर दबाव भी बनाया.
साथ ही यह भी आरोप है कि निदा खान ने यह बात छिपाई कि दानिश पहले से शादीशुदा था. पुलिस की जांच में 7 और महिलाएं सामने आई हैं. जिन्होंने अपने सीनियर कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
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