भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 555 अंक गिरकर 75,578 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 144 अंक के नुकसान के साथ 23,635 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की चिंताएं और आईपीओ बाजार में तेजी जैसे कारक बाजार की धीमी गिरावट में योगदान दे रहे हैं।

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में प्रमुख सूचकांकों ने नुकसान दर्ज किया। सेंसेक्स करीब 555 अंक गिरकर 75,578 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 ने 144 अंक का नुकसान उठाया और 23,635 पर समाप्त हुआ। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें लगभग 99 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के कारण निवेशकों की भावना पर दबाव पड़ने से रुपया मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 94.84 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी बाजार पर दबाव डाल रही है।
आईपीओ बाजार में लगातार हो रही नई लिस्टिंग भी पूंजी को मुख्य बाजार से खींच रही है। व्यापक बाजार, जैसे निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100, हरे निशान पर बंद हुए। इन सूचकांकों में 0.2 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई।
किन शेयरों में रही गिरावट और तेजी?
आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में लगभग 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी 1 फीसदी से अधिक गिरे। हालांकि, इस गिरावट के रुझान के विपरीत बीईएल और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि देखी गई।
वैश्विक बाजारों का क्या रहा हाल?
वैश्विक बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा। टोक्यो समय अनुसार सुबह 10:42 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा लगभग अपरिवर्तित रहा। जापान का निक्केई 225 वायदा 0.1 फीसदी बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.4 फीसदी गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.6 फीसदी और हांगकांग का हैंग सेंग 0.7 फीसदी नीचे आया। शंघाई कंपोजिट 0.3 फीसदी बढ़कर बंद हुआ, वहीं यूरो स्टॉक्स 50 वायदा भी लगभग अपरिवर्तित रहा।

