भारत के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अपना पहला टेस्ट शतक जड़ने के बाद कहा कि स्पिन के खिलाफ स्पष्ट रणनीति और तीन अंकों के स्कोर को बड़ी पारी में बदलने की भूख उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी की कुंजी रही। 24 वर्षीय पडिक्कल ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से टेस्ट स्तर पर मौके का इंतजार करते हुए लगातार मेहनत कर रहे थे। पडिक्कल ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रसारकों से कहा, ‘मैंने इस पल का सपना देखा है। पिछले दो वर्षों से मैं कड़ी मेहनत कर रहा था ताकि जब मुझे मौका मिले तो कुछ विशेष कर सकूं। मैं बहुत खुश हूं कि ऐसा कर पाया।’