सट्टेबाजी की वजह से कर्ज में डूबा राहुल आईआरएस अधिकारी के घर में नौकरी के दौरान सामान लाने में रुपयों की हेरफेर करने लगा। युवती ने पहले तो ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब राहुल की हेराफेरी की आदत बढ़ गई तो डेढ़ माह पहले उसने पिता से उसकी शिकायत कर दी। आईआरएस अधिकारी ने राहुल को पहले डांटा फिर उसे काम से निकाल दिया। पुलिस का मानना है कि इसी खुंदक में आरोपी ने लूट की वारदात को अंजाम देने के दौरान हैवानियत की सारी हद को पार करते हुए युवती से दुष्कर्म किया और उसकी जान ले ली।

आईआरएस अधिकारी ने आरोपी को डेढ़ माह पहले काम से निकाल दिया तो आरोपी राजस्थान अलवर वापस लौट गया। हालांकि पुलिस पूछताछ में आरोपी पुलिस के सामने लूटपाट की बात ही बता रहा है। उसने दुष्कर्म और हत्या क्यों की इस पर आरोपी गोल-मोल जवाब दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि नौकरी जाने के बाद वह युवती और उसके परिवार के प्रति गुस्सा रखता था।
जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम को आरोपी की व्यक्तिगत रंजिश, आर्थिक स्थिति और आपराधिक प्रवृत्ति से जोड़कर देख रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। करीब एक साल पहले आरोपी राहुल के मामा की सिफारिश पर आईआरएस अधिकारी ने राहुल मीणा को काम पर रखा था।
हत्या की कड़ियां जोड़ेगी पुलिस
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई किए हैं। बृहस्पतिवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब पुलिस हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपी को लेकर अलवर राजस्थान के अलावा उन सब जगह लेकर जाएगी, जहां-जहां आरोपी रुका था।
नाक की हड्डी के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों में भी मिले फ्रैक्चर
पुलिस ने बुधवार को ही एम्स मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर युवती का शव परिवार के हवाले कर दिया था। पीएम रिपोर्ट में युवती के साथ हुई बर्बरता के कई निशान मिले हैं। उसकी नाक की हड्डी के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों में फ्रैक्चर मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आहट सुनकर उठी युवती ने पूछा था आने का कारण तो धमकाने लगा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 6.39 मिनट पर बिना चेहरा ढके फ्लैट में दाखिल हुआ था। उसे अच्छी तरह पता था कि घर में वह अकेली है। दरवाजा खोलकर वह सीधा उसकेे कमरे में पहुंचा। आहट पर युवती उठ गई। उसने राहुल से आने की वजह पूछी। आरोपी को पता था कि घर में रखा डिजिटल लॉकर आईआरएस अधिकारी, उनकी पत्नी और बेटी के फिंगर प्रिंट से खुलता है। आरोपी ने धमकाते हुए युवती से लॉकर खोलने के लिए कहा।
मना करने पर हमला कर दिया। करने पर आरोपी ने युवती के कमरे में रखा लैंप उठा लिया। उसमें लगी रॉड से आरोपी ने युवती के सिर और चेहरे प्रहार करना शुरू कर दिया। इसके बाद युवती पर पानी की भारी वाली बोतल से भी प्रहार किए युवती ने बचने की खूब कोशिश की। आरोपी ने उसके चेहरे, सिर, हाथ, टांग और शरीर के दूसरे हिस्सों पर दो दर्जन से अधिक वार किए। इस दौरान कमरे में चारों ओर खून ही खून बिखर गया। युवती अधमरी हालत में हो गई। आरोपी उसे घसीटता हुआ नीचे लाया। बाद में आरोपी ने उसके साथ हैवानियत की। लॉकर तोड़कर वह फरार हो गया।
हाेटल प्रबंधन ने बगैर आईडी लिए ही दिया था कमरा, 9 घंटे तक वहीं छुपा रहा
कैलाश हिल्स में बर्बरता दिखाने के बाद आरोपी राहुल मीणा ने बिना आईडी के ही ओयो होटल में कमरे ले लिया था। आरोपी जब होटल पहुंचा तो उसने होटल प्रबंधन से उसके पास आईडी न होने की बात की। शुरुआत में उसे मना कर दिया गया, लेकिन बाद में उसकी गुजारिश के बाद उसे कमरा दे दिया गया। आरोपी वहां करीब साढ़े 9 घंटे तक कमरे में रुका रहा। उसने दोपहर का खाना मंगाकर भी वहीं खाया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसे पता चल गया था कि पुलिस सुबह से ही उसकी तलाश कर रही है।
ऐसे में रात में वह किसी भी समय वह कमरे से निकलकर दिल्ली से भागने की फिराक में था। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के चलते होटल पर पहले ही छापा कर आरोपी को दबोच लिया। मामले में बिना आईडी के कमरा लेने की वारदात को पुलिस और होटल प्रबंधन की लापरवाही मानी जा रही है। सूत्रों ने कहा कि अगर राजधानी में पुलिस की सख्ती होती तो शक होने पर होटल प्रबंधन आरोपी की सूचना पुलिस को दे देता। अब पुलिस होटल प्रबंधन से पूछताछ कर कर रही आखिर उसे किस तरह से बिना आईडी के कमरा दिया गया, कहीं उसकी कोई मदद तो नहीं कर रहा था, इन तथ्यों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
