लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

दिल्ली:संसद मार्ग थाना पुलिस ने दर्ज की चार एफआईआर, विरोध-प्रदर्शन के दौरान 18 लोगों को हिरासत में लिया – Parliament Street Police Register Four Firs And 18 People Detained During Protest

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

दिल्ली पुलिस ने सोमवार के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा के मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में चार एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 18 लोगों को हिरासत में लिया है। तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला लगातार तूल पकड़ने लगा। घटना के बाद से ही संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रविवार रातभर थाने के बाहर डेरा डाले रखा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 

सोमवार सुबह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों वहां से हटाना शुरू किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, पूर्व नौकरशाहों के विरोध मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मार्च ईसीआई की ओर होना है। राफी मार्ग और संसद मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।

सीजेपी ने की एफआईआर की मांग

महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संस्थापक सौरभ दास और रतना दास रविवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे। सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर एसीपी विवेक भगत को बचाने और एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को सोमवार दोपहर 12 बजे तक एफआईआर दर्ज करने का समय दिया।

संसद मार्ग थाने पर ‘आप’ का प्रदर्शन

महिला पत्रकारों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में रविवार को संसद मार्ग थाने के बाहर आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आम लोगों की शिकायत पर पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करती है, लेकिन पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत होने पर कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। भारद्वाज ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। विधायक संजीव झा और कुलदीप कुमार ने भी शिकायत के आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई और एसीपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीन अक्तूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला पत्रकार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारी ने उसे गलत तरीके से छुआ। पत्रकार ने बताया कि वह एसीपी विवेक भगत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन गई थीं, लेकिन तीन घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इन आरोपों के बाद दिल्ल पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतों को अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। 

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार ,पीड़ित महिला पत्रकारों में से एक ने कहा है कि एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने उसका यौन उत्पीड़न किया। प्रदर्शन के दौरान हुई इन कथित घटनाओं को लेकर नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली हैं, जब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई दिल्ली जिला पुलिस ने शिकायतों को अपराध शाखा को सौंप दिया है। ये आरोप तीनों महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध शाखा आरोपों की गहन जांच करेगी और शिकायतकर्ता महिला पत्रकारों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करेगी। 

एक पीड़िता ने बताया कि वह और अन्य लोग प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे और मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। मैंने दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत से महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति के बारे में पूछा, जिसके बाद उन्होंने मेरा यौन उत्पीड़न किया और मुझे पीछे धकेल दिया। हालांकि, बार-बार फोन करने और संदेश भेजने के बावजूद एसीपी विवेक भगत से संपर्क नहीं हो सका।

शनिवार को क्या हुआ

शनिवार को, महिला पत्रकारों में से एक ने आरोप लगाया कि असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। अधिकारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली हैं। उस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अपराध शाखा आरोपों की जांच करेगी और जांच के हिस्से के तौर पर शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी। एक पीड़िता ने बताया कि इसके बाद वह और अन्य लोग प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन गए, लेकिन आरोप लगाया कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

यूपी:प्रदेश में मौसम ने ली एक बार फिर करवट, हवाओं के साथ बारिश और ओले; इन जिलों के लिए अलर्ट जारी – Up: Weather In The State Has Taken A Turn Once Again, With Winds Accompanied By Rain And Hail; Alert Issued Fo

भारत बनाम वेस्टइंडीज:पहले टी20 में अभिषेक-संजू करेंगे ओपनिंग या होगी वैभव की एंट्री? कोच मोर्केल ने दिया जवाब – Ind Vs Wi: Morne Morkel Speaks On Opening Pair Of Team India, Vaibhav, Abhishek And Sanju Samson Know

स्टार्टअप:लैपटॉप चार्जिंग की टेंशन से निकला ‘पावर’ आइडिया, उत्तराखंड के युवाओं ने बना दिया खास बैग – Laptop Charging Powerbag Invented By Uttarakhand Kotdwar Two Youths Throw Startup

लियोनल मेसी का विदाई मैच:अर्जेंटीना की जर्सी में आखिरी बार दिखने को तैयार, कब-कहां और किस टीम से होगी टक्कर? – Lionel Messi Set For Final Argentina Appearance As Legend Prepares To Bid Farewell

Wcl में पाकिस्तान की बेज्जती:भारतीय खिलाड़ियों से लिखित माफी चाहता था Pcb, टूर्नामेंट प्रबंधन ने ठुकराई मांग – Pcb Agrees To Issue Noc To Pakistan Champions For Wcl, Seeks Assurances Over India Players Participation

होंडा ने टाटा टेक्नोलॉजीज से मिलाया हाथ:भारत में कार बनाने का क्या मास्टरप्लान बनाया? – Honda Targets Up To 20 Per Cent Cost Reduction, Faster Car Development In India With Tata Technologies: Report

Leave a Comment