दक्षिण दिल्ली के खानपुर, मदनगीर, देवली और संगम विहार समेत कई इलाकों में पानी की कमी ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण हजारों परिवार रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पीने के पानी से लेकर खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और घर की सफाई जैसे सामान्य काम भी चुनौती बन गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन पिछले एक महीने में हालात लगातार बिगड़े हैं। कई परिवारों को पानी के टैंकरों का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग बाजार से पानी खरीदकर जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इससे घरेलू खर्च भी बढ़ गया है।
सुबह की शुरुआत पानी की चिंता से :
खानपुर निवासी विमलेश ने बताया कि उनकी सुबह अब घरेलू कामों से नहीं, बल्कि पानी की चिंता से शुरू होती है। पिछले एक महीने से जलापूर्ति प्रभावित है। कई बार सुबह जल्दी उठकर पानी भरने की कोशिश करती हैं, लेकिन नल में पानी नहीं आता। जब कभी आता भी है तो दबाव इतना कम होता है कि पर्याप्त मात्रा में पानी जमा नहीं हो पाता। देवली निवासी पिंकी ने बताया कि हर दिन यह चिंता बनी रहती है कि अगले दिन के लिए पर्याप्त पानी बचेगा या नहीं। कई बार पीने के लिए अलग से पानी खरीदना पड़ता है, जिससे परिवार के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
रसोई और घरेलू काम प्रभावित :
पानी की कमी का सबसे अधिक असर घरों की रसोई और दैनिक कामकाज पर पड़ रहा है। मदनगीर निवासी रेखा ने बताया कि कई बार खाना बनाने तक में परेशानी होती है। बर्तन धोने, सब्जियां साफ करने और अन्य घरेलू कामों के लिए पानी बचाकर रखना पड़ता है। परिवार के सदस्यों को भी लगातार पानी बचाने की सलाह देनी पड़ती है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि कपड़े धोने का काम कई दिनों तक टालना पड़ रहा है। घरों की नियमित सफाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी के मौसम में जल संकट ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
टैंकरों के इंतजार में गुजर रहा दिन
संगम विहार के कई हिस्सों में लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। स्थानीय निवासी दानिश ने बताया कि टैंकरों का इंतजार अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। टैंकर पहुंचने की सूचना मिलते ही लोग बाल्टी और ड्रम लेकर लाइन में लग जाते हैं। कई बार टैंकर देर से पहुंचते हैं या पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा।
नजफगढ़ के गांवों में हरियाणा से पानी लाने को मजबूर लोग
नई दिल्ली। राजधानी के नजफगढ़ क्षेत्र में हरियाणा सीमा से सटे एक दर्जन से अधिक गांव इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। कई महीनों से नियमित जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हरियाणा के सीमावर्ती गांवों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड की ओर से पर्याप्त टैंकर भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार झुलझुली, रावता, सारंगपुर, मलिकपुर, समसपुर, उजवा, ईसापुर, गालिबपुर, कादीपुर, ढांसा और दरियापुर खुर्द समेत कई गांवों में जलापूर्ति लंबे समय से बाधित है। कुछ गांवों में पानी बेहद कम दबाव से पहुंच रहा है, जबकि कई इलाकों में कई-कई दिनों तक नलों में पानी नहीं आता। बढ़ती गर्मी के बीच समस्या और गंभीर हो गई है। मलिकपुर निवासी सतबीर डागर ने बताया कि पीने, खाना बनाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद सुधार नहीं हुआ।
सुबह से ही पानी की व्यवस्था में जुटना पड़ता है
कादीपुर गांव की रेखा के अनुसार, इस संकट का सबसे अधिक असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। जलापूर्ति नहीं होने पर उन्हें सुबह से ही पानी की व्यवस्था में जुटना पड़ता है। कई बार हरियाणा के गांवों से पानी भरकर लाना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त समय और श्रम खर्च होता है। वहीं समयपुर निवासी राजेश डागर ने आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड से लगातार टैंकर भेजने की मांग की जा रही है, लेकिन अधिकांश समय टैंकर उपलब्ध नहीं हो पाते। इसके चलते लोगों को निजी स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

