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तेहरान जाने से पहले मुनीर को ट्रंप का फोन, वॉर पर जानें क्या दिया मैसेज

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर सोमवार (24 अगस्त 2026) को तेहरान के लिए रवाना हुए. मुनीर की ये यात्रा जियोपॉलिटिक्स के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इस दौरे से एक हफ्ते पहले उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी. ट्रंप ने खुद मुनीर को फोन कर कहा था कि वह ईरान को दोबारा बातचीत की मेज पर वापस लाएं. 

तेहरान जाने से पहले मुनीर को ट्रंप का फोन

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस बातचीत की पहल खुद ट्रंप की ओर से की गई थी, जिसकी जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी. हालांकि, इस मामले पर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कार्यालय ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और दोनों के बीच क्या बातचीत हुई है इसको लेकर भी कुछ नहीं बताया गया है. मुनीर के पास ट्रंप का यह कॉल ऐसे समय में आया है जब उन्होंने हाल ही में ईरान पर दबाव बनाने के लिए चेतावनी दी थी कि जो भी देश ईरान को किसी भी प्रकार का आर्थिक सहारा देगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इसके जवाब में ईरान ने भी पर्शियन गल्फ से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह ठप्प करने की धमकी दी.

खामेनेई के करीबियों से इन मुद्दों पर होगी बात

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच आसिम मुनीर और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे. पाकिस्तानी सेना ने इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता का प्रयास बताया. मुनीर यहां ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के करीबी रणनीतिकारों से मुलाकात करेंगे, जिसमें अमेरिका-ईरान तनाव को कम करने, क्षेत्रीय सुरक्षा समेत दूसरे मुद्दों पर बात होगी. हाल ही में ईरान समर्थित हूती ने पाकिस्तान के सहयोगी देश सऊदी अरब पर हमला किया था. इसे लेकर पाकिस्तान और ईरान के बीच बैठक होनी है.

‘US-ईरान के बीच आपसी विश्वास की कमी’

अमेरिका और ईरान के बीच जून 2026 में एक अंतरिम शांति समझौता हुआ था, जिसे ‘इस्लामाबाद ज्ञापन’ नाम दिया गया. हालांकि दोनों देशों के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के कारण यह समझौता जल्द ही बेअसर हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा. रिपोर्ट के मुताबिक एक पाकिस्तानी सूत्र ने दावा किया कि इस समय अमेरिका और ईरान के बीच आपसी विश्वास की बहुत बड़ी कमी है और मुनीर के इस दौरे का उद्देश्य इसी खाई को कम करना है.

छह महीने में मुनीर की चौथी तेहरान यात्रा

पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की यह छह महीने से भी कम समय में चौथी तेहरान यात्रा है. इस बारे में ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी IRNA का कहना है कि मुनीर की इन लगातार यात्राओं से यह साफ हो जाता है कि तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत का रास्ता पाकिस्तान से होकर ही गुजरता है. एजेंसी ने ईरानी सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि तेहरान की शुरुआती मांग ये है कि अमेरिका सबसे पहले उन वादों पर वापस लौटे, जिन पर उसने ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ में हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उन्हें कभी लागू नहीं किया.

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