तेलंगाना सरकार ने छात्रों और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने सभी जूनियर कॉलेजों में पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए मिड-डे मील योजना शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही ‘इंदिरम्मा’ आवास योजना के दूसरे चरण में 2.5 लाख नए घर बनाने का फैसला भी लिया गया है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री A Revanth Reddy की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम योजनाओं पर मुहर लगी। सरकार अब शिक्षा, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने की तैयारी में है।
क्या जूनियर कॉलेजों के छात्रों को अब मुफ्त भोजन मिलेगा?
कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रीनिवास ने बताया कि राज्य के सभी जूनियर कॉलेजों में मिड-डे मील योजना लागू की जाएगी। इसका लाभ 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटेगी और स्कूलों में उपस्थिति भी बढ़ेगी। अभी तक यह योजना मुख्य रूप से स्कूल स्तर तक सीमित थी, लेकिन अब इसे जूनियर कॉलेजों तक बढ़ाया गया है। सरकार का फोकस खासतौर पर उन छात्रों पर है जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं। इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इंदिरम्मा योजना के तहत कितने घर बनाए जाएंगे?
कैबिनेट ने इंदिरम्मा हाउसिंग योजना के दूसरे चरण में 2.5 लाख मकानों को मंजूरी दी है। सरकार पहले चरण में करीब 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 लाख घरों को मंजूरी दे चुकी है। अब हर विधानसभा क्षेत्र में 2,000 नए घर स्वीकृत किए जाएंगे। इसके अलावा ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र की 24 विधानसभा सीटों में लोअर इनकम ग्रुप यानी एलआईजी वर्ग के लिए एक लाख घर बनाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे गरीब परिवारों को पक्का घर मिल सकेगा और शहरों में रहने वाले निम्न आय वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी।
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