लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

ट्रंप को बड़ा झटका!:अमेरिकी अदालत ने खारिज किया नया टैरिफ आदेश, कहा- व्यापार कानून का हुआ गलत इस्तेमाल – Big Blow To Trump! Us Court Rejects New Tariff Order, Says Trade Law Misused

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संघीय व्यापार अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए नए वैश्विक आयात शुल्क को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने 1974 के ट्रेड एक्ट के तहत मिली सीमित शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया और कानून से बाहर जाकर 10 प्रतिशत आयात अधिभार (इंपोर्ट सरचार्ज) लगाने की कोशिश की।

व्यापार अधिनियम कानून क्यों बनाया गया था?

अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने 2-1 के फैसले में कहा कि ट्रंप प्रशासन 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का इस्तेमाल व्यापक व्यापार घाटे और चालू खाता घाटे के आधार पर नहीं कर सकता। अदालत के मुताबिक, यह कानून 1970 के दशक की विशेष बैलेंस ऑफ पेमेंट्स यानी भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए बनाया गया था, न कि आधुनिक दौर के सामान्य व्यापार घाटे के लिए।

ट्रंप क्या साबित करने में विफल रहे?

जज मार्क ए. बार्नेट और क्लेयर आर. केली ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप की घोषणा यह साबित करने में विफल रही कि कानून के जरिए आवश्यक शर्तें पूरी हुई हैं। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में ये टैरिफ लगाए थे। 

अदलात ने क्या दी चेतावनी?

अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति को इतनी व्यापक व्याख्या की अनुमति दे दी जाए, तो उन्हें लगभग असीमित टैरिफ लगाने की शक्ति मिल जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संवैधानिक सवाल खड़ा कर सकता है, क्योंकि टैरिफ और व्यापार नीति तय करने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है।

ट्रंप के पुराने टैरिफ को कोर्ट ने किया था खारिज

दरअसल, इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की पहले वाली टैरिफ व्यवस्था को भी खारिज कर दिया था, जिसे उन्होंने आपातकालीन शक्तियों वाले कानून के तहत लागू किया था। इसके बाद फरवरी में ट्रंप ने धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए नया टैरिफ लागू किया। यह प्रावधान राष्ट्रपति को अधिकतम 150 दिनों के लिए 15 प्रतिशत तक अस्थायी आयात शुल्क लगाने की अनुमति देता है।

ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि अमेरिका के बड़े व्यापार घाटे को देखते हुए यह कदम जरूरी है। हालांकि अदालत ने कहा कि कानून में जिस बैलेंस ऑफ पेमेंट्स क्राइसिस की बात की गई है, उसका मतलब मौजूदा व्यापार घाटे से नहीं है।

कैसे आया यह मामला सामने?

यह मामला दो आयातक कंपनियों बर्लेप और बैरल और खिलौना कंपनी बेसिक फन  के साथ-साथ वॉशिंगटन राज्य द्वारा अदालत में चुनौती दिए जाने के बाद सामने आया। अदालत ने इनके पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि कुछ अन्य डेमोक्रेटिक राज्यों की याचिकाएं तकनीकी आधार पर खारिज कर दी गईं।

इस फैसले पर जज टिमोथी स्टैन्स्यू ने असहमति जताई। उनका कहना था कि अदालत को राष्ट्रपति के आर्थिक फैसलों में दखल नहीं देना चाहिए और बैलेंस ऑफ पेमेंट्स की बहुत संकीर्ण व्याख्या नहीं करनी चाहिए।

अब इस फैसले को अमेरिकी कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट में चुनौती दिए जाने की संभावना है और मामला दोबारा सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच सकता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले टैरिफ खारिज किए जाने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस में नाराजगी जताते हुए कहा था, हम आगे बढ़ते रहेंगे। हम ज्यादा पैसा लाने में सफल होंगे। ट्रंप ने धारा 122 को अपने पास मौजूद बहुत शक्तिशाली विकल्पों में से एक बताया था।

ट्रंप पर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज 

इस बीच ट्रंप की कार्यकारी शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस भी तेज हो गई है। कई आलोचकों, यहां तक कि कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने भी कहा है कि टैरिफ लगाने का संवैधानिक अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि व्हाइट हाउस के पास। सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मैककोनेल पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस को दरकिनार कर आपातकालीन शक्तियों के जरिए टैरिफ लागू करना गैरकानूनी है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मैक्रों थप्पड़ विवाद:पत्रकार का दावा- ईरानी अभिनेत्री से चैट देख भड़कीं थीं फ्रांस के राष्ट्रपति की पत्नी – Macron Slap Controversy Journalist Claims French President Wife Enraged After Seeing Chat With Iranian Actress

India Sugar Export Ban:भारत ने चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई, फैसला सितंबर तक रहेगा प्रभावी – India Sugar Export Ban Updates Curb With Immediate Effect Sanction Until September Know Hindi News Details

Whatsapp Incognito Mode:मेटा ने व्हाट्सएप पर एआई चैटबॉट के लिए ‘इन्कॉग्निटो मोड’ शुरू किया, बढ़ेगी गोपनीयता – Whatsapp Incognito Mode Meta New Launch For Ai Chatbot Privacy To Increase Know Details Of Feature In Hindi

शांति की उम्मीद धराशायी:रूस ने यूक्रेन पर दागे 800 ड्रोन, कई क्षेत्रों में मची तबाही; छह लोगों की मौत – Russia Fires 800 Drones At Ukraine Despite Peace Talk In Moscow News Update

Up Weather:उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश ने मचाई तबाही, अलग-अलग जिलों में 96 की मौत; कई घायल – Storm And Rain Wreak Havoc In Uttar Pradesh, 96 Killed In Different Districts

Us से जंग के 75 दिन बाद दिल्ली पहुंचे अराघची:भारत-ईरान संबंध पर हुकूमत की सोच क्या? Brics समिट पर नजरें – Iran Foreign Minister Abbas Araghchi Delhi Visit Brics Meeting India Mediation

Leave a Comment