अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक सैन्य अभियान में कुख्यात आपराधिक संगठन ट्रेन डी आरगुआ के सरगना हेक्टर रश्टेनफोर्ड गुएरो फ्लोरेस को ढेर कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला के सहयोग से की गई। अमेरिका पहले ही ट्रेन डी अरागुआ को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है।
50 लाख डॉलर का था इनाम
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि सप्ताह की शुरुआत में वेनेजुएला में गैंग के एक ठिकाने पर यह सैन्य कार्रवाई की गई थी। गुरेरो फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में आपराधिक साजिश रचने, आतंकवादियों को समर्थन देने और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने उसकी गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी देने वालों के लिए 50 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ‘ट्रेन डी अरागुआ के आतंकवादियों के लिए अब वेनेजुएला या दुनिया के किसी भी हिस्से में सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। मेरे नेतृत्व में हम इन खूंखार हत्यारों और ड्रग माफियाओं को कहीं भी खोज निकालेंगे और उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे।’ हालांकि, इस अभियान को लेकर वेनेजुएला की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
गैंग पर पहले भी कार्रवाई
ट्रंप प्रशासन ने हाल के महीनों में इस गैंग के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप में इस गैंग की छोटी नौकाओं को निशाना बनाकर कई सैन्य हमले किए हैं। सितंबर की शुरुआत से अब तक ऐसे अभियानों में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। इस अभियान के लिए अमेरिका की खूब आलोचना भी हुई। ट्रंप और उनके प्रशासन का आरोप रहा है कि अमेरिकी शहरों में बढ़ती हिंसा और अवैध ड्रग कारोबार के पीछे ट्रेन डी अरागुआ की बड़ी भूमिका है।
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वेनेजुएला की जेल से शुरू हुआ था गैंग
ट्रेन डी अरागुआ की शुरुआत एक दशक से अधिक पहले वेनेजुएला के अरागुआ राज्य की एक कुख्यात जेल से हुई थी। देश में आर्थिक संकट और प्रशासनिक विफलताओं के बीच गैंग ने जेल के भीतर अपना प्रभाव बढ़ाया और बाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल गया। गुरेरो फ्लोरेस ने जेल के भीतर एक समानांतर व्यवस्था खड़ी कर ली थी, जहां जबरन वसूली और हिंसा के जरिए कैदियों पर नियंत्रण रखा जाता था। समय के साथ जेल परिसर में चिड़ियाघर, बेसबॉल मैदान, कैसीनो और रेस्तरां जैसी सुविधाएं भी विकसित कर ली गई थीं, जबकि गुरेरो खुद एक आलीशान सुइट में रहता था।


