पाकिस्तान रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी Powerus से ड्रोन सिस्टम खरीदने का ऑर्डर दे दिया है. कंपनी ने पाकिस्तानी सेना के साथ एक MoU भी साइन किया है. पावरस एक नई कंपनी है जो 2025 में बनी थी, जिसका मुख्यालय फ्लोरिडा में है. इसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप इसमें निवेशक हैं. कंपनी का कहना है कि दोनों भाई सिर्फ इनवेस्टर हैं और संचालन में शामिल नहीं हैं.
पाकिस्तान से डील से लगभग तीन महीने पहले पावरस ने भारतीय कंपनी पारस डिफेंस को अपना Guardian-1 इंटरसेप्टर ड्रोन भारत में बनाने और बेचने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस दिया था. पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे के पड़ोसी देश हैं और दोनो के बीच जंग का इतिहास रहा है. ऐसे में एक ही कंपनी से दोनों देशों को हथियार मिलने पर सवाल उठ रहे हैं.
कंपनी ने एक्स पर पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर के साथ एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि पावरस को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय से अनमैन्ड एरियर सिस्टम और उससे जुड़ी सहायता के लिए एक सीमित खरीद का ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर इंटरनेशनल डिफेंस ट्रेड के विस्तार को दर्शाता है.
Powerus has received a limited procurement order from the Ministry of Defence of the Islamic Republic of Pakistan for unmanned aerial systems and associated support. The order represents an expansion of our international defense business.
We have also signed a strategic… pic.twitter.com/DXWKgOY4iX
— Powerus (@powerus_usa) September 17, 2026
इजरायली कनेक्शन
कंपनी के सह-संस्थापक जिव मारोम पूर्व इजरायली सैनिक हैं. पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देता. फिर भी इस कंपनी से हथियार खरीद रहा है क्यों ये सवाल उठता है. पाकिस्तान पहले से अपने ड्रोन बनाता है, जैसे Shahpar-II और चीन और तुर्की से भी खरीदता है.
एक्सपर्ट्स की क्या राय?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पावरस के ड्रोन तकनीक के मामले में पाकिस्तान के पास पहले से क्षमता है. कुछ का मानना है कि असली जरूरत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटीग्रेशन और सिस्टम-लेवल क्षमता की है, जिसमें अमेरिकी कंपनियां मजबूत मानी जाती हैं. कुछ जानकार इसे रक्षा खरीद से ज्यादा राजनीतिक संदेश मान रहे हैं, क्योंकि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ट्रंप के बीच अच्छे संबंध बताए जाते हैं.

