झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा के अंदर भाजपा विधायकों द्वारा नोटों की गड्डियां लहराने को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों द्वारा दिखाए गए नोटों के बंडल ही उनके अस्तित्व और राजनीति की बुनियाद हैं।

यह बयान भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच आया है। भाजपा विधायकों ने विधानसभा में नोटों की गड्डियां दिखाकर भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को पैसे लेकर नौकरी देने के मामले से जोड़ने की कोशिश की।
‘भाजपा विधायक विधानसभा में नोटों की गड्डियां लहराते हैं’
विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद बाहर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सदन चलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण कार्यवाही बाधित की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक विधानसभा में नोटों की गड्डियां लहराते हैं, लेकिन यही नोट उनके अस्तित्व और राजनीति की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों, जरूरतमंदों और युवाओं की जेब से किस तरह पैसा निकाला जा रहा है, यह सभी जानते हैं।
सोरेन ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन्हीं नीतियों के कारण छात्रों को रोजगार नहीं मिल रहा है और छोटे, मध्यम एवं बड़े प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान दूसरे राज्यों के लोगों को झारखंड में रोजगार मिला, जबकि अब चयनित अभ्यर्थियों में 75 से 100 प्रतिशत तक स्थानीय लोग शामिल हैं।
सदन की कार्यवाही पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के लिए अब सच्चाई का सामना करना मुश्किल हो गया है। इसी नाराजगी का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी दिखाई दिया और सदन को निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
भाजपा पर आंदोलन कर रहे छात्रों को गुमराह करने का आरोप
हेमंत सोरेन ने इससे पहले भाजपा पर आंदोलन कर रहे छात्रों को गुमराह करने और उन्हें राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलनरत छात्रों की अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली हैं और भर्ती परीक्षा प्रणाली में आगे भी सुधार करने के लिए तैयार है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आंदोलनकारियों का मुखौटा पहनकर छात्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुखौटे को धीरे-धीरे उतारेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट है।
सोरेन ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ी छात्रों की अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। आगे बेहतर सुधार के लिए आईआईटी-आईएसएम धनबाद, आईआईएम रांची और एक्सएलआरआई जमशेदपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों की राय लेने की योजना है।
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मुख्यमंत्री के बयान के दौरान भाजपा विधायकों ने सोमवार को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विधानसभा में हंगामा जारी रखा। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह समेत अन्य विधायकों ने कथित तौर पर सदन में नोटों की गड्डियां लहराईं। उनका आरोप था कि यहां पैसे देकर नौकरी खरीदी जा सकती है।
इस पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोगों की जेबों में नोटों की गड्डियां भरी हैं और वे इन्हीं नोटों के दम पर लोकतंत्र खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने मंदिरों को भी नहीं छोड़ा।
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में नोटों की गड्डियां दिखाए जाने पर आपत्ति जताई और इसे संसदीय व्यवस्था के खिलाफ बताया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
