पाकिस्तान अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी भारत को गीदड़भभकी देने से बाज नहीं आया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय एकता, शांति और आर्थिक प्रगति का आह्वान किया. हालांकि, अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में उन्होंने भारत को निशाना बनाते हुए कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन उसकी इस इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए.
शहबाज शरीफ ने उगला जहर
शहबाज शरीफ ने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं. लेकिन शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. पिछले साल भारत के साथ हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें उसके जल संसाधनों का अधिकार भी शामिल है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार राष्ट्र और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति के लिए स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा. ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था.
पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था. चार दिनों तक चले भीषण सीमा-पार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने पर सहमत हुए थे. अपने संबोधन में शहबाज शरीफ ने भारत पर सिंधु जल संधि को “एकतरफा और अवैध रूप से निलंबित” करने का आरोप लगाया.
सिंधु जल संधि को लेकर दी धमकी
शरीफ ने कहा, “मैं स्पष्ट शब्दों में घोषणा करता हूं कि पाकिस्तान के पानी की हर एक बूंद हमारी रेड लाइन है.” नई दिल्ली ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ दंडात्मक उपायों के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया. साथ ही, अफगान नेतृत्व से आग्रह किया कि पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल न होने दिया जाए. सऊदी-तुर्किए के साथ डिफेंस पैक्ट का भी जिक्र पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब और तुर्किए के साथ हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते का भी जिक्र किया.
उन्होंने इसे क्षेत्र में पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका का प्रमाण बताया. शरीफ ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच “संघर्ष विराम कराने” में भूमिका के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी धन्यवाद किया. हालांकि, भारत किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता होने की बात से साफ इनकार करता रहा है. जरदारी ने भी भारत के खिलाफ किया दावा अपने संदेश में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की सराहना की.
उन्होंने जहर उगलते हुए ये झूठा दावा किया कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना ने पिछले साल के संघर्ष के दौरान “भारत को मुंहतोड़ जवाब” दिया. पाकिस्तान ने भारत के साथ पिछले साल हुए संघर्ष की याद में एक स्मारक का भी उद्घाटन किया.
इस मौके पर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दू ने भी राष्ट्रीय एकता, शांति और आर्थिक तरक्की का आह्वान किया. पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में कहा कि देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के रक्षक के तौर पर सशस्त्र बल “सभी खतरों से मातृभूमि की रक्षा करने, संविधान को बनाए रखने और पाकिस्तान की जनता द्वारा उन पर जताए गए पवित्र भरोसे को निभाने” के अपने संकल्प को दोहराते हैं.


