केरल में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के शनिवार को नई दिल्ली में दावेदारों के साथ बैठक किए जाने के दो दिन बाद भी पार्टी नेतृत्व किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कौन-कौन शामिल?
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपालऔर विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशान प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इन तीनों नेताओं के साथ पार्टी हाईकमान ने शनिवार को अलग-अलग चर्चा की थी। बैठक में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ और केरल प्रभारी महासचिव दीपा दासमुंशी भी मौजूद थीं।
खरगे की सोनिया से मुलाकात के बाद लिया जा सकता है फैसला
सूत्रों के मुताबिक अब पार्टी अध्यक्ष खरगे की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अंतिम फैसला लिया जा सकता है। पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि हाईकमान राज्य में पिछले सप्ताह देखने को मिले विरोध प्रदर्शनों और पोस्टर वार के शांत होने का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, सतीशन और वेणुगोपाल समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खुलकर शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला था।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में बनी हुई है अनिश्चितता
नई दिल्ली में बैठक के बाद केरल कांग्रेस नेताओं और दीपा दासमुंशी ने संयुक्त रूप से कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे नेतृत्व विवाद को लेकर प्रदर्शन और फ्लेक्स बोर्ड अभियान से बचें। हालांकि पर्दे के पीछे लगातार बातचीत जारी है, लेकिन राज्य के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।
कांग्रेस के सहयोगी दलों में भी नाराजगी की खबरें
इस बीच कांग्रेस के सहयोगी दलों में भी नाराजगी की खबरें हैं। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर जीत हासिल कर भारी बहुमत प्राप्त किया है, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर देरी से सहयोगी दल असहज बताए जा रहे हैं।
रमेश चेन्निथला ने क्या कहा?
देरी पर सवाल उठने पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई तक है, इसलिए किसी तरह की जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। वहीं, रमेश चेन्निथला ने सोमवार को कहा कि पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री पद को लेकर जो भी फैसला करेगा, उसे कांग्रेस और यूडीएफ के सभी कार्यकर्ता स्वीकार करेंगे। नई दिल्ली से लौटने के बाद उन्होंने कहा कि हमने अपनी बात हाईकमान के सामने रख दी है। अब फैसला उन्हें करना है।
चेन्निथला ने फैसले में हो रही देरी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि सभी दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और कांग्रेस उतना समय नहीं ले रही, जितना पिछली बार वाम मोर्चे ने लिया था।
भाजपा की आलोचना पर पलटवार करते हुए चेन्निथला ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने भी मुख्यमंत्री चुनने में कई दिन लगाए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस कोई ऐसी पार्टी नहीं है, जो नागपुर के निर्देश पर चलती हो।

