- चीन की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बढ़कर 5% की वृद्धि दर्ज की।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और निर्यात ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- मध्य पूर्व तनाव और ट्रंप के टैरिफ के बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूत रही।
- विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में आर्थिक रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।
China GDP Growth: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से एक ओर तो कई देशों पर दबाव देखने को मिल रहा हैं, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी देश चीन के हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी चीन की अर्थव्यवस्था ने साल के पहले तीन महीनों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है.
ऑफिशियल आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान चीन की जीडीपी सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़ी है. विशेषज्ञों ने इसके लिए करीब 4.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. ये मजबूत आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब यूएस-ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है.
चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत
बीजिंग ने हाल ही में अपने सालाना जीडीपी का लक्ष्य घटाकर 4.5 फीसदी से 5 फीसदी के बीच तय किया है. जो 1991 के बाद सबसे कम माना जा रहा है. हालांकि, पिछली तिमाही के 4.5 फीसदी की तुलना में कुछ सुधार जरूर देखने को मिल रहा है.
विशेषज्ञ की राय
Brookings Institution के एनालिस्ट Kyle Chan का मानना है कि, देश के लिए कार और दूसरे निर्यात के आंकड़े इस बार सबसे मजबूत पहलू बने हैं. इस ग्रोथ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अहम भूमिका रही है. लेकिन प्रॉपर्टी सेक्टर में अब भी दबाव देखने को मिल रहा है.
Kyle Chan ने ईरान युद्ध और इसके असर पर भी अपनी बात रखी हैं. उनके अनुसार, इस टकराव का असर आने वाले तिमाही नतीजों की जीडीपी पर दिख सकता है. साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी होने की बात भी कही हैं.
ट्रंप टैरिफ को लगा झटका
अमेरिका की ओर से चीन के ज्यादातर सामानों पर फिलहाल 10 फीसदी टैरिफ लगा हुआ है. इसके बावजूद भी चीन की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है.
मजबूत जीडीपी ग्रोथ के ये आंकड़े डोनाल्ड ट्रंप के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं. टैरिफ के दबाव के बाद भी चीन की आर्थिक रफ्तार में आई तेजी देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ग्रोथ को दिखाता है.
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