केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास समेत कई ठिकानों पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी के बाद राज्य में सियासी बवाल देखने को मिल रहा है। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। सीएमआरएल मामले में चल रही तलाशी के बीच बड़ी संख्या में पहुंचे सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ईडी के वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस और ईडी के अधिकारियों पर हमला
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के दौरान बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बेकरी जंक्शन स्थित किराए के आवास के बाहर जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों पर हेलमेट, प्लास्टिक की बोतलें और पत्थर फेंके। इसके आलावा तिरुवनंतपुरम में सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों के एक वाहन पर हमला कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार सुबह ईडी की तलाशी शुरू होने के बाद से ही पिनराई विजयन और उनके परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। तलाशी अभियान के बीच बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता आवास के बाहर जमा हो गए और केंद्र की भाजपा नीत सरकार तथा ईडी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के जरिए परिसर में घुसने की भी कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया।
ईडी ने कई जगहों पर ली तलाशी
ईडी ने केरल में जांच के तहत कई जगहों पर तलाशी ली है, जिनमें पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा विजयन और राज्य के पूर्व मंत्री व दामाद पीए मोहम्मद रियास के घर शामिल हैं। इन तलाशी अभियानों ने तुरंत ही एक राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने इन छापों की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार जांच एजेंसियों के ज़रिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। एक बयान में, पार्टी ने कहा कि इन छापों का मकसद विजयन और सीपीआई (एम) को डराना है।
