केरलम के पूक्कोट्टुम्पदम में रविवार शाम अचानक आई बाढ़ से हड़कंप मच गया। शाम करीब पांच बजे टीके कॉलोनी के कोट्टप्पुझा में फ्लैश फ्लड आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पर्यटकों और एक स्थानीय महिला समेत करीब सात लोगों के बह जाने की आशंका है।
पोट्टिकल्लू के मुठिकुंड इलाके में नदी से करीब 50 साल के एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। शव को जिला अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, लापता बताए जा रहे अन्य लोगों की तलाश जारी है।
#WATCH | Keralam | Two people died and another was critically injured after a landslide struck Kottakamboor in Vattavada, Idukki.
(Video Source: Police) pic.twitter.com/VGYBG6VhkX— ANI (@ANI) September 20, 2026
नदी किनारे बड़ी संख्या में मौजूद थे पर्यटक
ओलरवट्टोम नहर से टीके कॉलोनी तक नदी के किनारे कई जगह पर्यटक मौजूद थे। ये इलाके लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। छुट्टी का दिन होने के कारण केट्टुंगल, आणाकुंडु, बालावडिप्पाडी और कोयिप्रा की तलहटी से लगे अन्य इलाकों में भी सैकड़ों लोग जुटे थे। अचानक पानी का स्तर बढ़ने से नदी के बीच फंसे करीब 27 लोगों को स्थानीय लोगों और मुहम्मद सुहैल ट्रीटमेंट एड कमेटी के सदस्यों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
हालांकि, कई लोग अलग-अलग जगहों पर लंबे समय तक फंसे रहे और सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच सके। चोक्कड़ के चार लोगों के आंगनवाड़ी के पास चट्टानों और पेड़ों पर फंसे होने की सूचना है। उन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के जवान, स्वयंसेवक और स्थानीय लोग नदी में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। फ्लैश फ्लड में बह जाने की आशंका वाले लोगों की भी तलाश की जा रही है।
सात जिलों में येलो अलर्ट
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। रविवार को तिरुवनंतपुरम और इडुक्की समेत सात जिलों में येलो अलर्ट है। 24 घंटे में अलग-अलग स्थानों पर 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।इडुक्की और कोट्टायम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
सिक्किम के गंगटोक में भूस्खलन और मलबे से सड़कें प्रभावित
उधर, सिक्किम के गंगटोक में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके बाद गंगटोक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने नुकसान का आकलन शुरू किया है। भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं और भूस्खलन के बाद डीडीएमए की ओर से पूरे जिले में नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
