पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoJK) में पिछले 11 दिनों से पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ कश्मीरी सड़कों पर हैं. ऐसे में अब इस विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने नया पैतरा रचा है. पाकिस्तानी सरकार ने प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले और प्रदर्शन में शामिल 150 लोगों को एक साथ आतंकवादी घोषित कर दिया है.
रावलकोट के ईदगाह मैदान में 11वें दिन भी अपनी जान की परवाह न करते हुए 60 हजार से ज़्यादा लोगों की भीड़ जुटी हुई है, जो लगातार पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही है. इस विरोध प्रदर्शन से घबराई PoJK की कठपुतली सरकार ने एक साथ शेड्यूल 4 के तहत 150 लोगों को आतंकी घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

इससे पहले पाकिस्तानी सरकार और सेना ने प्रदर्शन को शुरुआत में ही कुचलने के लिए अवामी एक्शन कमेटी को आतंकी घोषित किया था. प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में शौकत नवाज मीर, उमर नजीर, ख़्वाजा मेहरान और बिलाल खान भी शामिल हैं.
प्रदर्शनकारियों को जनता का समर्थन
अवामी एक्शन कमेटी के मुताबिक रावलकोट के चारों ओर शांतिपूर्ण धरने जारी हैं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारी अपनी बुनियादी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. लगातार पाबंदियों और प्रशासनिक दबाव के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं हुआ है. प्रदर्शनकारियों का ये भी दावा है कि जनता का समर्थन उन्हें लगातार मिल रहा है.
धरना स्थलों पर डटे प्रदर्शनकारी
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने ये भी आरोप लगाया है कि नीलम घाटी से रावलकोट पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों के काफिलों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की. हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है. अवामी एक्शन कमेटी का दावा है कि गिरफ्तारियों, दबाव और सुरक्षा कार्रवाई के जरिए आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है. इसके बावजूद धरना स्थलों पर लोगों की मौजूदगी बनी हुई है.
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