कर्नाटक की राजनीति में इस समय जबरदस्त हलचल मची हुई है। राज्य में सत्ता परिवर्तन की खबरों के बीच बंगलूरू में पत्रकारों से बात करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता आरवी देशपांडे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। आरवी देशपांडे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद उन्हें अपने मन की बात बताई है। देशपांडे के अनुसार, मुख्यमंत्री ने उनसे कहा है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया है।

VIDEO | Bengaluru, Karnataka: “CM Siddaramaiah told me he has decided to resign,” says Senior Congress leader RV Deshpande.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7)#Bengaluru #Karnataka… pic.twitter.com/vVp94uKXch— Press Trust of India (@PTI_News) May 27, 2026
डी के शिवकुमार के समर्थकों ने मनाया जश्न
वहीं इस खबर के सामने आने के साथ ही उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के समर्थकों ने कर्नाटक के कई हिस्सों में जश्न मनाना शुरू कर दिया। बंगलूरू के सदाशिवनगर और रामनगर में समर्थकों ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। शिवकुमार के समर्थकों का मानना है कि वे एक मजबूत नेता हैं और उन्होंने 2023 के चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए बहुत मेहनत की है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सिद्धारमैया गुरुवार को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसके बाद शिवकुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल सकते हैं।
पिछड़ा वर्ग महासंघ ने कांग्रेस आलाकमान को दी चेतावनी
दूसरी तरफ, सिद्धारमैया को पद से हटाने की खबरों पर पिछड़ा वर्ग महासंघ ने कांग्रेस आलाकमान को कड़ी चेतावनी दी है। महासंघ के नेताओं का कहना है कि अगर सिद्धारमैया को हटाया गया, तो कांग्रेस को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उनका तर्क है कि कांग्रेस पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और दलितों (अहिंदा) के वोटों की वजह से सत्ता में आई है। महासंघ के अध्यक्ष रामचंद्रप्पा ने कहा कि सिद्धारमैया के कद का कोई दूसरा नेता पार्टी में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया, तो वे कल से ही आंदोलन शुरू कर देंगे।
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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को केंद्र में बड़ी भूमिका और राज्यसभा सीट का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी इस प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार नहीं किया है। सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर कैबिनेट मंत्रियों के साथ नाश्ते पर एक बैठक भी बुलाई है। इस बैठक के बाद राज्य की राजनीति की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

