पेरिस के मशहूर एफिल टावर चलाने वाली कंपनी के चीफ इस साल अपना पद छोड़ देंगे. कंपनी ने ऐसे वक्त यह फैसला लिया है, जब सितंबर की शुरुआत में हिंदू धार्मिक ग्रुप बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) ने दौरा किया था. इस दौरान महिला कर्मचारियों को हटा दिया गया था. इसके बाद कर्मचारियों ने विरोध करते हुए एक दिन काम बंद कर दिया था, जिसके बाद इस टूरिस्ट प्लेस को पूरे एक दिन बंद रखने के लिए मजबूर होना पड़ा था.
कंपनी ने अपने बयान में क्या जानकारी दी है?
न्यूज एजेंसी AFP ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि सोसिएते डी एक्सप्लॉयटेशन डे ला टूर एफिल (SETE) नाम की कंपनी ने कहा है कि उसके निर्देशक जनरल पैट्रिक बैंक्रो रुइवो अपना पद छोड़ देंगे. इवेंट में ऑपरेशनल कमियों और खामियों के चलते महिला कर्मचारियों को हटाया गया था.
कंपनी ने कहा है कि उस दिन महिला वर्कर्स को दौरे से बाहर रखा गया, यह एक स्वीकार करने वाली बात नहीं है. रुइवे 2018 के आखिर से कंपनी के डायरेक्टर जनरल के भूमिका में अपनी जिम्मेदारियों निभा रहे हैं.
पेरिस के मेयर ऐनी हिडाल्गो ने महिला कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद अलग से जांच के आदेश दिए हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरा विवाद उस समय का है कि जब 7 सितंबर को BAPS के डेलीगेशन ने दौरा किया था. इस दौरान महिला कर्मचारियों को परिसर से हटाया गया. इसके बाद एफिल टॉवर के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया. एक दिन तक यह दुनिया का फेमस टूरिस्ट स्थल बंद रहा था.
BAPS एक स्वामीनारायण संप्रदाय का एक वर्ल्ड वाइड कार्य करने वाला वैश्विक धार्मिक और सामाजिक ऑर्गेनाइजेशन है. यह फ्रांस की राजधानी में एक ट्रेडिशनल स्टोन के उद्घाटन का जश्न मना रहा था.
महिला कर्मचारियों ने अपमान महसूस किया
इस दौरान BAPS के डेलीगेशन ने महिलाओं को हटाने का अनुरोध किया. इस पूरे विवाद पर SETE के अध्यक्ष एरियल वेल ने कहा, ‘मैं एफिल टॉवर के रिपब्लिकन मूल्यों और महिला- पुरुष के सामान अधिकार (Equal Right) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता हूं. ‘
वहीं, हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की यूनियन की सदस्य डायने डेवोइन ने कहा है कि इस डेलीगेशन की विजिट के समय महिलाओं को आदेश दिया गया था कि वे अपनी काम की जगह को छोड़ दें, ताकि पुरुषों को तैनात किया जाए. इससे उन्हें अपमानित महसूस हुआ है.
BAPS ने पूरे मामले पर क्या कहा है?
वहीं, इस पूरे मामले पर BAPS ने कहा है कि उसने 100 लोगों के एक ग्रुप की विजिट से पहले स्टाफ और आने वाले लोगों की परेशानी को कम करने के लिए एफिल टॉवर के मैनजमेंट से तालमेल बिठाया था. इसका मकसद किसी भी तरह लिंग आधारित अनुरोध खरना नहीं था. हम सभी के लिए समानता, आपसी सम्मान और सेवा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है.
इधर पूरे मामले पर विदेश मंत्रालय ने अगले दिन ही प्रतिक्रिया भी दी थी. इसमें कहा था कि यह संबंधित पक्षों के बीच का मामला है.


