लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

एआई ने दिखाया कमाल: 100 प्रतिशत सटीकता से किए अकाउंटिंग के काम, क्या खतरे में है इंसानी अकाउंटेंट्स की नौकरी? – Ai Beats Certified Accountants, Claude Opus 5 Scores 100% Accuracy New Study

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

सार

क्या एआई अब इंसानी सीए और अकाउंटेंट्स से ज्यादा सटीकता के साथ काम कर सकता है? एक नए अध्ययन के अनुसार, क्लॉड ओपस 5 ने औसतन पांच साल से ज्यादा अनुभव वाले सीपीए को पीछे छोड़ते हुए अकाउंटिंग टेस्ट में 100 प्रतिशत सटीकता हासिल की। इस पर टेक दिग्गज की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आइए जानते हैं इस अध्ययन में क्या सामने आया और एआई ने अकाउंटिंग के काम में कैसा प्रदर्शन किया।

AI Beats Certified Accountants, Claude Opus 5 Scores 100% Accuracy New Study
प्रतीकात्मक तस्वीर – फोटो : एआई जनरेटेड

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल चैट करने या कंटेंट लिखने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि बेहद जटिल और सटीक गणनाओं वाले कामों में भी इंसानों को पछाड़ रहा है या कोशिश कर रहा है। एआई रिक्रूटिंग कंपनी मर्कोर के एक नए अध्ययन में चौंकाने वाल खुलासे हुए हैं। स्टडी के अनुसार, एंथ्रोपिक का नया मॉडल Claude Opus 5 अकाउंटिंग के जटिल कार्यों को शत-प्रतिशत (100%) एक्यूरेसी के साथ पूरा कर रहा है, और वो भी महज दस मिनट से कम समय में।

इन चौंकाने वाले आउटपुट ने टेक दिग्गज एलन मस्क का ध्यान भी अपनी ओर खींचा। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा कि सुपर इंटेलिजेंस, जिसे पहले एआई कहा जाता था, अब अकाउंटिंग टेस्ट में टॉप स्कोर कर रहा है। (Super Intelligence (fka AI) is now acing accounting tests.)

क्लॉड ओपस 5 ने अकाउंटिंग कार्यों में हासिल किया 100% स्कोर

मर्कोर के नए अध्ययन का शीर्षक ह्यूमन बेसलाइन्स फॉर बेंचमार्क: एआई नाउ आउटपरफॉर्म जूनियर अकाउंटेंट्स है। इस अध्ययन में कई एआई मॉडल्स के प्रदर्शन की तुलना 12 अकाउंटेंट्स से की गई। इसमें शामिल मानव प्रतिभागी लाइसेंस्ड सीपीए थे और उनके पास औसतन करीब साढ़े पांच साल का अनुभव था।

शोधकर्ताओं ने अकाउंटेंट्स को चार महीने के अंत वाले अकाउंटिंग परिदृश्यों को पूरा करने के लिए कहा। ये परिदृश्य वास्तविक कंपनियों की फाइलों पर आधारित थे। इन कार्यों में दस्तावेजों के अंदर जरूरी जानकारी खोजना, प्रासंगिक आंकड़े पहचानना, गणना करना और अंतिम परिणामों को टेबल के रूप में प्रस्तुत करना शामिल था।

कितने प्रतिशत सटीकता रही?

अध्ययन में मानव अकाउंटेंट्स की औसत एक्यूरेसी 37 प्रतिशत रही। इसमें व्यक्तिगत प्रतिभागियों के स्कोर में काफी अंतर देखने को मिला। कुछ प्रयासों में स्कोर 0 प्रतिशत तक रहा, जबकि सबसे अच्छा व्यक्तिगत प्रदर्शन करीब 90 प्रतिशत तक पहुंचा। समय की बात करें तो ज्यादातर मानव प्रयासों में कार्य पूरा करने में 30 से 180 मिनट लगे।

वहीं, ह्यूमन के मुकाबले क्लॉड ओपस ने अध्ययन में रिपोर्ट किए गए सभी 20 प्रयासों में 100 प्रतिशत स्कोर किया। मॉडल ने हर कार्य को दस मिनट से कम समय में पूरा किया।

एआई और इंसानों की लागत में भी बड़ा अंतर

अध्ययन में सिर्फ एक्यूरेसी और काम पूरा करने की स्पीड की तुलना नहीं की गई, बल्कि लागत में भी बड़ा अंतर सामने आया है। रिसर्चर ने अमेरिकी मेडियन अकाउंटेंट वेतन को आधार बनाकर अनुमान लगाया कि मानव अकाउंटेंट्स की लागत प्रति रूब्रिक क्राइटेरिया करीब 10.35 डॉलर थी। वहीं, क्लॉड ओपस 5 के लिए यही लागत केवल 0.21 डॉलर आंकी गई।

इस तरह अध्ययन के मुताबिक, इन खास अकाउंटिंग कार्यों में एआई ने कम समय और काफी कम अनुमानित लागत में ज्यादा एक्यूरेसी हासिल की।

एआई ने करीब 18 महीने में पकड़ी तेज रफ्तार

अध्ययन में एआई और मानव प्रदर्शन के बीच बढ़ते अंतर को लेकर एक और जरूरी बात सामने आई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, करीब 18 महीने पहले सबसे अच्छे एआई मॉडल भी औसत अकाउंटेंट के प्रदर्शन से नीचे थे।

इसके बाद ओपनएआई के o3 मॉडल ने 37 प्रतिशत के मानव औसत को पार किया। इसके बाद GPT-5 करीब 69 प्रतिशत तक पहुंचा। हाल के फ्रंटियर एआई मॉडल्स ने इस प्रदर्शन को और आगे बढ़ाया है। अध्ययन में क्लॅाड ओपए 5 समेत कुछ नए मॉडल 100 प्रतिशत के करीब या उसी स्तर तक पहुंच गए।

क्या AI अकाउंटेंट्स की जगह ले सकता है?

अध्ययन में सामने आई सटीकता के बाद यह सवाल और भी स्वाभाविक रूप से उठता है। हालांकि, मर्कोर खुद इन नतीजों को इस बात का प्रमाण मानने से सावधान करता है कि एआई अकाउंटेंट के पूरे काम को संभाल सकता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, टेस्ट में ऐसे कार्यों पर फोकस किया गया था, जिनमें एआई मॉडल खास तौर पर अच्छे होते हैं। इनमें निर्देशों का सावधानी से पालन करना, बड़ी मात्रा में जानकारी में जरूरी चीजें खोजना और विस्तृत जरूरतों को संभालना शामिल है, लेकिन वास्तविक अकाउंटिंग का काम सिर्फ इन कार्यों तक सीमित नहीं है।

वास्तविक अकाउंटिंग में कई दूसरे काम भी शामिल

एक अकाउंटेंट को क्लाइंट्स से बातचीत करनी पड़ सकती है। उसे सवाल पूछने, दूसरे सहयोगियों के साथ काम करने और समय के साथ जमा हुए ज्ञान का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। इनमें से कई गतिविधियों का इस अध्ययन में परीक्षण नहीं किया गया।

इसलिए अध्ययन में एआई के प्रदर्शन को अकाउंटेंट की पूरी नौकरी के बराबर नहीं माना जा सकता। यह मुख्य रूप से कुछ संरचित और स्पष्ट रूप से परिभाषित अकाउंटिंग कार्यों पर एआई की क्षमता को दिखाता है। टेस्ट को एआई के लिए खास तौर पर चुनौतीपूर्ण बनाया गया था

शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि अध्ययन में जानबूझकर कठिन अकाउंटिंग परिदृश्यों का इस्तेमाल किया गया था। इन्हें खासतौर से एआई सिस्टम को चुनौती देने के लिए डिजाइन किया गया था। ऐसे कार्यों में छोटी-सी गलती भी अंतिम स्कोर पर बड़ा असर डाल सकती थी। इसलिए 100 प्रतिशत स्कोर को देखते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि एआई को किस तरह के और कितने सीमित कार्यों पर परखा गया था।

फिर भी अकाउंटिंग में एआई का असर बढ़ सकता है

इन सीमाओं के बावजूद रिसर्चर कंपनी का कहना है कि अध्ययन के नतीजे उत्पादकता बढ़ने की संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं। जैसे-जैसे एआई ज्यादा संरचित अकाउंटिंग कार्य संभालने में सक्षम होता जा रहा है, अकाउंटिंग में काम करने के तरीके भी बदल सकते हैं।

शोधकर्ताओं का तर्क है कि अगर एआई की क्षमता मौजूदा स्तर पर ही रुक जाए, तब भी ये क्षमताएं आने वाले वर्षों में अकाउंटिंग कार्यों को संभालने के तरीके में बदलाव ला सकती हैं।

एआई के बढ़ते इस्तेमाल का मतलब क्या है?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि एआई कुछ ऐसे कामों में तेजी से सक्षम हो रहा है, जिन्हें अब तक प्रशिक्षित इंसानों से कराया जाता रहा है। खास तौर पर ऐसे काम, जिनमें बड़ी मात्रा में दस्तावेजों से जानकारी निकालना, तय निर्देशों के अनुसार काम करना, गणना करना और व्यवस्थित तरीके से परिणाम देना शामिल है।

हालांकि, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि एआई ने अकाउंटेंट की पूरी भूमिका को बदल दिया है। अभी भी क्लाइंट से संवाद, टीम के साथ सहयोग, सवालों को समझना और लंबे समय के अनुभव से निर्णय लेना जैसे कई काम मानव विशेषज्ञता पर निर्भर हैं।

फिलहाल यह अध्ययन इस बात की ओर जरूर इशारा करता है कि अकाउंटिंग जैसे पेशे में एआई की भूमिका सिर्फ सहायक टूल तक सीमित नहीं रह सकती और आने वाले समय में संरचित कार्यों का बड़ा हिस्सा एआई संभाल सकता है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

हरियाणा में जोनिंग नियम बदलने की तैयारी:अब जमीन पर क्या नहीं कर सकेंगे, सरकार तय करेगी सूची – Haryana Prepares To Revise Zoning Rules: Government To Determine List Of Prohibited Activities On Land

महाराष्ट्र में फिर कांपी धरती:हिंगोली में तीन घंटे के भीतर दो बार लगे भूकंप के झटके, नांदेड़ तक हलचल – Maharashtra Earthquake: Two Tremors Hit Hingoli In Three Hours, Strong Shaking Felt In Nanded; What Happened?

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सामने खिताब बचाने की चुनौती:मलयेशिया से होगा सामना, लगातार दूसरी बार स्वर्ण पर नजरें – India Vs Malaysia Men’s Hockey Team Asian Games 2026 Final Match Preview And Stats In Hindi

कर्नाटक:बंगलूरू में सिलिंडर लीक से घर में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के छह लोग झुलसे; कैसे हुआ हादसा? – Bengaluru House Fire: Family Members Including Children Injured In Lpg Leak, News In Hindi

यूपी:कांग्रेस ने आखिर क्यों बदला प्रदेश अध्यक्ष, सपा-कांग्रेस गठबंधन में बाधक बन रहे थे अजय राय? जानिए कहानी – Up: Why Did Congress Change Its State President? Was Ajay Rai Becoming A Hindrance To The Sp-congress Alliance

सलमान खान:’कमाल कर दिया पायलट जी… वेल डन ब्रो’; कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के कायल भाईजान, किया सलाम – Salman Khan Praises Captain Smit Machhar Bravery Shares Post Offers Heartfelt Salute Says Well Done Bro

Leave a Comment