लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

ईरान से समझौते पर अपने ही खफा:क्या रूबियो और पीट हेगसेथ को ट्रंप पर भरोसा नहीं? जानिए किसे क्या परेशानी – Us Iran Nuclear Deal Donald Trump Officials Sceptical Strait Of Hormuz

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका और ईरान के बीच एक नया समझौता हुआ है। इस समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम में ही भारी विवाद शुरू हो गया है। सरकार के बड़े अधिकारी दो गुटों में बंट गए हैं। सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस समझौते पर बड़ा शक जताया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान बाहर से कुछ और और अंदर से कुछ और खेल खेल रहा है। वह बातचीत में जो दावे कर रहा है, उसकी नीयत उससे बिल्कुल अलग है।

किन मंत्रियों को है ईरान पर शक?

इस पूरे मामले में ट्रंप सरकार के दो सबसे शक्तिशाली मंत्री एक तरफ हो गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को ईरान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उनके साथ देश के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इस समझौते पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इन दोनों बड़े नेताओं का मानना है कि ईरान अपनी बात से पलट सकता है। खुफिया रिपोर्ट देखने के बाद इन दोनों मंत्रियों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।

समझौते के पक्ष में कौन-कौन है?

दूसरी तरफ, सरकार के कुछ अन्य बड़े नेता इस समझौते का पूरा समर्थन कर रहे हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस डील के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर भी हैं। इन तीनों नेताओं ने 14 सूत्रीय अमेरिकी-ईरान समझौता ज्ञापन पर अपनी मुहर लगाई है। इनका मानना है कि बातचीत से रास्ता निकल सकता है।

यह भी पढ़ें: ट्रंप पर हमले की एक और साजिश नाकाम: UFC कार्यक्रम पर हमले की थी योजना, एफबीआई ने कई संदिग्धों को किया गिरफ्तार

क्या है 14 सूत्रीय समझौता?

इस नए समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करना है। इसके तहत दोनों देशों के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज को दोबारा खोला जाएगा। इस समझौते के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों की नई बातचीत शुरू होगी। इन 60 दिनों के दौरान ईरान अपने परमाणु काम को रोके रखेगा। बदले में, अमेरिका उस पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही वहां अपनी सेना बढ़ाएगा।

क्या है इस डील का असली खतरा?

इस बातचीत में ईरान के यूरेनियम भंडार और प्रतिबंधों को हटाने पर चर्चा होनी है। समझौते के समर्थकों का कहना है कि ईरान को पैसा और राहत तभी मिलेगी, जब वह परमाणु कार्यक्रम बंद करेगा। लेकिन विरोध करने वाले अधिकारियों का कहना है कि यह डील ईरान के लिए एक बड़ा फायदा है। अगर ईरान बाद में अंतिम समझौते को मानने से मना भी कर देता है, तो भी इन 60 दिनों में वह अमेरिका से कई बड़ी राहतें पा चुका होगा।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

पीयूष गोयल ने किया दावा:’pm मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं राहुल गांधी’; जेन-जी और पेपर लीक पर क्या बोले? – Rahul Feels Threatened By Pm’s Popularity With Youth, Says Goyal; Claims Gen Z With Bjp

सागर:शादी के तीसरे दिन ही फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, कैश-जेवर लेकर भागी; बिलासपुर से ऐसे चढ़ी पुलिस के हत्थे – Sagar Looteri Dulhan Escapes Third Day Marriage Cash Jewellery Theft Bilaspur Police Arrest Madhya Pradesh Cri

कबड्डी खिलाड़ी की बीवी ने दी जान:’यारा तेरी कमी रहेगी…’, पत्नी के सुसाइड के बाद शीलू ने लिखी ये भावुक पोस्ट – Kabaddi Player Sheelu Balhara Wife Death: Fir Registered Against Husband And Family Post Goes Viral

इंडोनेशिया में बड़ा समुद्री हादसा:यात्रियों से भरी नाव में लगी भीषण आग, पांच लोगों की मौत, 41 अब भी लापता – Major Maritime Accident In Indonesia Massive Fire Breaks Out On Passenger Filled Boat Five Dead 41 Missing

Explainer:क्या है कावेरी जल विवाद, जिसके लिए बड़ी तैयारी में कर्नाटक सीएम शिवकुमार, तमिलनाडु से टकराव क्यों? – Karnataka Cm Dk Shivakumar Calls All Party Meeting Cauvery River Water Dispute Tamil Nadu Supreme Court Cwma

Ind Vs Sl:श्रीलंका दौरे से पहले भारत को झटका, बुमराह टेस्ट सीरीज से बाहर; Bcci बोला- वह अभी पूरी तरह फिट नहीं – Ind Vs Sl: Jasprit Bumrah Ruled Out Of Sri Lanka Test Series Due To Injury

Leave a Comment