मध्य प्रदेश के सागर जिले की जैसीनगर पुलिस ने शादी के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शादी का झांसा देकर 1.20 लाख रुपये ऐंठने और शादी के तीन दिन बाद घर से नकदी व जेवर लेकर फरार होने वाली कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार शाम तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

क्या है मामला?
थाना प्रभारी जे.पी. ठाकुर के अनुसार, महुआखेड़ा पेगवार निवासी नोनीराम पटेल की पहली पत्नी का निधन हो चुका था। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी के लिए प्रयास शुरू किए। इसी दौरान उनका संपर्क एक गिरोह से हुआ। गिरोह ने 1.20 लाख रुपये लेकर बिलासपुर निवासी रुक्मणी चतुर्वेदी से उनकी शादी कराई। शादी के महज तीन दिन बाद रुक्मणी मौका पाकर घर में रखे 30 हजार रुपये नकद, चांदी के जेवर और मंगलसूत्र लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत पर जैसीनगर पुलिस ने 26 जून को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया और एसडीओपी योगेंद्र भदौरिया के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी महिला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छिपी हुई है। पुलिस ने वहां दबिश देकर रुक्मणी चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर गिरोह के दो अन्य सदस्यों अरविंद विभार (निवासी अलवर, राजस्थान) और कार चालक सोनू अहिरवार (निवासी दमोह, मध्य प्रदेश) को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
अन्य मामलों की भी होगी जांच
थाना प्रभारी जे.पी. ठाकुर ने बताया कि पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने सागर जिले के अलावा अन्य जिलों या राज्यों में भी शादी के नाम पर कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
