अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (1 जून) को फिर दोहराया कि ईरान डील करना चाहता है. उन्होंने सोशल प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर अपना बयान जारी किया. ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान समझौता चाहता है और यह अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए अच्छा होगा.’ ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं पर भी निशाना साधा और बयानबाजी को बातचीत में रोड़ा बताया.
‘बातचीत में बयानबाजी बनती है बाधा’
उन्होंने लिखा, डेमोक्रेट्स और कुछ ऐसे रिपब्लिकन (जिनमें देशभक्ति नहीं दिखती है) यह नहीं समझते कि जब राजनीतिक लोग लगातार निगेटिव कमेंट करते रहते हैं, जैसे मुझे तेजी से आगे बढ़ना चाहिए, धीमे चलना चाहिए, युद्ध करना चाहिए, नहीं करना चाहिए, या कुछ और तो मेरे लिए अपना काम ठीक तरह से करना और बातचीत करना कहीं अधिक कठिन हो जाता है?’
‘आराम से बैठिए, सब अच्छा होगा’
ट्रंप ने लोगों से धैर्य बरतने की अपील करते हुए उम्मीद जताई कि सब सकारात्मक तरीके से पूरा होगा. उन्होंने कहा, ‘बस आराम से बैठिए, आखिर में सब अच्छा होगा. हमेशा ऐसा ही होता है. हालांकि ट्रंप की इस पोस्ट में सेंट्रल कमांड के डिफेंस में किए गए नए हमले और आईआरजीसी के जवाबी हमले का जिक्र नहीं है.
यूएस-ईरान में बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकाम ने सोमवार (1 जून) को ही बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर सेल्फ डिफेंस में हमले किए हैं. एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई. अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने इससे पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक एमक्यू1 ड्रोन को गिराया था.
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सेंटकाम के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन तबाह किए. दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजर रहे जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे. इसके बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, यानी आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने अमेरिकी की तरफ से हमले के लिए इस्तेमाल हुए एयरबेस को निशाना बनाया है. यह वही बेस है जहां से अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के सीरिक द्वीप के टेलीकॉम टावर पर हमला किया था. हालांकि, IRGC ने यह नहीं बताया कि यह एयरबेस किस जगह स्थित था.
