अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अगर अगले पांच दिन ठीक रहे, तो ईरान के साथ चल रहा संकट खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन ईरान ने बातचीत से इनकार किया है। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई, तो अमेरिका बमबारी जारी रखेगा।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर अगले पांच दिन सब ठीक रहे, तो ईरान के साथ चल रहा टकराव खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह ईरान में और हत्याएं नहीं चाहते, लेकिन अगर बातचीत नाकाम रही, तो अमेरिका बमबारी जारी रखेगा।
क्या सच में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत हो रही है?
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने खुद बातचीत की पहल की है और एक “सम्मानित” ईरानी नेता के साथ बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि आज फोन पर फिर बातचीत होगी। लेकिन ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कोई आधिकारिक बातचीत नहीं चल रही है। इससे दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर सामने आ रहा है।
ट्रंप ने मीडिया से क्या बातचीत की?
- ईरान से मजबूत बातचीत हुई है और कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनी है।
- स्टीव विटकॉफ और कुशनर ने ईरान के साथ बातचीत में हिस्सा लिया।
- अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों।
- अमेरिका ने ईरान के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क किया।
- दोनों देश समझौता करना चाहते हैं और समझौते की इच्छा रखते हैं।
- दोनों पक्ष फोन पर बातचीत कर सकते हैं।
- ईरान के नए सुप्रीम लीडर से कोई बात नहीं की।
- अगर समझौता होता है तो इस्राइल इससे खुश होगा।
- समझौता हुआ तो यह ईरान और पूरे क्षेत्र के लिए अच्छी शुरुआत होगी।
- किसी समझौते की गारंटी नहीं दी जा सकती।
- बातचीत की पहल ईरान ने खुद की है, अमेरिका ने नहीं।
- समझौता होने पर समृद्ध यूरेनियम को नियंत्रित करना आसान होगा।
- B-2 बमवर्षकों से हमला नहीं किया होता, तो ईरान परमाणु हथियार बना सकता था।
- अमेरिका और ईरान के बीच अब तक करीब 15 बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है।
- ईरान में नेतृत्व परिवर्तन (रेजीम चेंज) की संभावना पर भी विचार हो रहा है।
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पांच दिन में संकट खत्म होने की कितनी संभावना है?
ट्रंप ने कहा कि अगर अगले पांच दिन सकारात्मक रहते हैं, तो यह संकट खत्म हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि किसी समझौते की गारंटी नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि या तो डील होगी या फिर अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। इससे साफ है कि बातचीत और युद्ध दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
ईरान के नेतृत्व और रेजीम चेंज पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उन्हें मारना पड़े, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि वह जिंदा हैं या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना जताई और कहा कि नए नेतृत्व के विकल्पों पर चर्चा हो रही है।
परमाणु और तेल को लेकर क्या रणनीति है?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत है और दोनों देशों के बीच 15 अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि बाजार में ज्यादा तेल उपलब्ध रहे, इसलिए ईरान के तेल पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी गई है।
इस्राइल की भूमिका क्या है?
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस्राइल के नेताओं से बात की है और संभावित समझौते से इस्राइल “बहुत खुश” होगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस पूरे घटनाक्रम में इस्राइल भी अहम भूमिका निभा रहा है। फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ बातचीत के दावे हैं, तो दूसरी तरफ बमबारी की चेतावनी भी जारी है। ईरान की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आने से स्थिति और जटिल हो गई है। आने वाले पांच दिन इस पूरे संकट के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
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