US Iran Peace Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है. इसी बीच पाकिस्तान कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय दिख रहा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सोमवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान डार ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच निरंतर संवाद और कूटनीतिक जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाकर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई. दोनों नेताओं ने आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.
पाक का ईरान के विदेश मंत्री को फोन
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस बातचीत में संघर्ष विराम, क्षेत्रीय घटनाक्रम और आगे के समन्वय जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का संघर्ष विराम समाप्ति की ओर है और दूसरे दौर की वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची ने साफ किया कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि ईरान अमेरिका के साथ अगली वार्ता में शामिल होगा या नहीं.
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री का फोन
उधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने भी पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से बातचीत कर अमेरिका-ईरान वार्ता को सुगम बनाने में पाकिस्तान की “रचनात्मक भूमिका” की सराहना की. स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. एक तरफ सीजफायर समाप्त होने का खतरा है, तो दूसरी ओर विभिन्न देशों के प्रयास जारी हैं कि बातचीत के जरिए किसी स्थायी समाधान तक पहुंचा जा सके.
चीन की पाक ने की तारीफ
ईरान युद्ध के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा पाकिस्तान अब शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चीन पर भरोसा जता रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता तथा क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयासों में चीन ने पाकिस्तान की पहल की सराहना की है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Jiang Zaidong ने इस्लामाबाद में Ishaq Dar के साथ मुलाकात के दौरान यह बात कही. इस बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्र के ताजा हालात और बढ़ते तनाव पर चर्चा की. बयान में यह भी कहा गया कि इशाक डार ने “सदाबहार” चीन-पाकिस्तान रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया.
पाकिस्तान अब इस जटिल संकट में चीन को एक अहम कूटनीतिक साझेदार के रूप में सामने लाने की कोशिश कर रहा है, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद की राह फिर से खोली जा सके.


