लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

ईरान की मिसाइलें और ड्रोन खत्म होने का झूठा दावा कर रहे थे ट्रंप? पेंटागन की रिपोर्ट ने बढ़ा दी अमेरिका की टेंशन, जानें क्या हुआ खुलासा

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Pentagon Report Iran: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ‘पेंटागन’ की एक गोपनीय रिपोर्ट ने हलचल मचा दी है. जहां एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की सैन्य शक्ति खत्म होने का दावा कर रहे थे, वहीं पेंटागन की खुफिया शाखा ने अपनी ताजा असेसमेंट में कहा है कि ईरान की मारक क्षमता और मुख्य सैन्य ताकत अब भी पूरी तरह सुरक्षित है.

ट्रंप और हेगसेथ के दावों पर सवाल

NBC न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के खुफिया विभाग ने संकेत दिया है कि ईरान ने अपनी “प्रमुख सैन्य क्षमताओं” को बनाए रखा है. यह रिपोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री (Secretary of War) पीट हेगसेथ के उन बयानों के बिल्कुल उलट है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान की सेना को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचाया गया है. इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि ईरान की वायुसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसकी नौसेना बर्बाद हो गई है. लेकिन पेंटागन की रिपोर्ट कहती है कि हालिया सैन्य अभियानों के बावजूद ईरान की सशस्त्र सेना अभी भी इस क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनी हुई है.

ट्रंप का संघर्षविराम और पाकिस्तान का ‘कनेक्शन’

इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ होने वाले सैन्य हमलों को रोकने और संघर्षविराम (Ceasefire) को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने इसके पीछे पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा, “पाकिस्तान के नेतृत्व के अनुरोध पर हमने प्रस्तावित अमेरिकी हमलों को टालने का फैसला लिया है. हालांकि, ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक तेहरान बातचीत के लिए कोई साझा प्रस्ताव पेश नहीं करता.”

“यह हमला करने की साजिश है”

अमेरिका के इस शांति प्रस्ताव को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान की संसद के अध्यक्ष के एक सलाहकार ने संघर्षविराम के विस्तार को “अर्थहीन” करार दिया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह केवल समय काटने की एक रणनीति (Tactic) हो सकती है ताकि अमेरिका भविष्य में अचानक बड़े हमले की तैयारी कर सके. ईरानी नेतृत्व ने इस संघर्षविराम को खारिज करते हुए सैन्य कार्रवाई तेज करने का आह्वान किया है. उनका मानना है कि अमेरिका कूटनीति के नाम पर केवल अपनी रणनीति बदल रहा है, जबकि जमीनी हकीकत में वह ईरान की आर्थिक नाकाबंदी कर रहा है.

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment