गुटखा और पान मसाला खाने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. गुजरात सरकार ने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला पर लगे प्रतिबंध को 1 साल तक और बढ़ा दिया है. अब राज्य में इन उत्पादों पर बैन 12 सितंबर 2027 तक लागू रहेगा.
सरकार का कहना है कि उन्होंने यह फैसला लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया है. काफी लंबे समय से तंबाकू उत्पादों के सेवन को कई गंभीर बीमारियों से जोड़कर देखा जाता रहा है. ऐसे में साल 2012 से लागू इस बैन के तहत गुटखा और पान मसाला की बिक्री, निर्माण, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी.
गुटखा-पान मसाला के किन कामों पर रहेगा रोक?
गुजरात में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर यह रोक 13 सितंबर से अगले एक साल तक जारी रहेगी. यह नियम उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जिन्हें किसी भी नाम से गुटखा या पान मसाला के रूप में बेचा जाता है. हालांकि यह नियम सिर्फ किसी एक ब्रांड या नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी के लिए लागू है. अगर अलग-अलग बेची जाने वाली सामग्रियों मिलाकर गुटखा या पान मसाला तैयार किया जाता है, तो उन पर भी यह रोक लाजिम है.
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सरकार ने क्यों बढ़ाया बैन?
सरकार ने कई एक्सपर्टों की रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि गुटखा और पान मसाला का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है. उन्होंने कहा है कि इन उत्पादों के सेवन से मुंह के कैंसर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इसके अलावा सरकार ने बताया कि भारत में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिनमें कई लोग धुआं रहित तंबाकू उत्पादों का भी इस्तेमाल करते हैं.
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
गुजरात सरकार ने कहा है कि अगर कोई इस नियम को तोड़कर प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री, निर्माण या वितरण करता है, तो खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. क्योंकि सरकार के इस नए फैसले का खास मकसद लोगों को तंबाकू से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान से बचाना और उनकी सेहत को बेहतर बनाना है.
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