मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों के शासकों से मुस्लिम देशों के बीच एकता और सहयोग मजबूत करने की अपील की है. मैसेज में उन्होंने कहा कि मुसलमानों के बीच नस्ल, संस्कृति, समाज, अर्थव्यवस्था, राजनीति और जमीन के अंतर को आपसी फूट की वजह नहीं बनने देना चाहिए.
खामेनेई ने कहा कि इस्लाम के विरोधी ताकतें इन मतभेदों का फायदा उठाकर मुसलमानों को कमजोर करना चाहती हैं. उनके मुताबिक, ऐसी ताकतें मुस्लिम देशों के बीच दूरी बढ़ाने और अपना प्रभाव मजबूत करने के मौके की तलाश में रहती हैं.
The enemy of Islam strives to turn racial, cultural, social, economic, political, and geographical difference into a pretext for sowing division among the Muslims to see the erosion of their strength, as he waits for an opportune moment to impose his dominance over them.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) August 30, 2026
मुस्लिम देशों में एकता पर जोर
ईरानी सुप्रीम लीडर ने अपने संदेश में मुस्लिम देशों से आपसी एकता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद मुसलमानों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए और जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए. उन्होंने खाड़ी देशों के शासकों से भी अपने आसपास की परिस्थितियों को समझने और उन ताकतों को पहचानने की अपील की, जिन्हें वह मुसलमानों का ‘असली दुश्मन’ मानते हैं.
आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील
खामेनेई ने मुस्लिम देशों के बीच सहयोग और एक-दूसरे की सुरक्षा में मदद करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को बढ़ाने के बजाय साझा हितों पर ध्यान देना जरूरी है. उनका यह मैसेज ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. खाड़ी देशों और ईरान के बीच रिश्ते भी लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति का अहम हिस्सा रहे हैं.


