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इस्लामाबाद 2.0 वार्ता से पहले हलचल तेज, नूरखान एयरबेस पहुंचा US विमान, चीन की दो टूक, ईरान बोला…

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US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली 2.0 वार्ता को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. इस महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची ने कहा कि अमेरिका के साथ अगले दौर की वार्ता को लेकर अभी कोई योजना नहीं है और न ही इस पर सहमति बनी है कि बातचीत कब शुरू होगी.

दूसरी ओर, मंगलवार को प्रस्तावित इस्लामाबाद वार्ता 2.0 से पहले अमेरिकी वायुसेना के 10वां C-17 विमान भारतीय समानुसार रात के साढ़े ग्यारह बजे तक लैंड कर चुके हैं. इससे पहले, दो विमानों से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की गाड़ियां पहुंचीं, जबकि बाकी सात विमानों में जैमर, संचार उपकरण, सुरक्षा संसाधन और हथियार लाए गए थे. इसके अलावा, एयरफोर्स-2 वीवीआईपी विमान भी भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे पहुंचा. इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचेगा. जबकि, दूसरी तरफ ईरान के वार्ता में शामिल होने पर अभी भी स्पेंस बना हुआ है.

वॉर खत्म का समय

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका से युद्ध समाप्त करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द से जल्द अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष खत्म करना चाहिए, ताकि देश पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सके. पब्लिक वर्कर्स के साथ बैठकों के बाद उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए नेतृत्व को पारदर्शी और ईमानदार होना होगा.

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इस्लामाबाद 2.0 टॉक्स से पहले एक्टिव चीन

इस बीच, इस्लामाबाद 2.0 वार्ता से पहले चीन भी सक्रिय हो गया है. Xi Jinping ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से बातचीत में कहा कि Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही सामान्य रहनी चाहिए. बीजिंग ने तत्काल और व्यापक युद्धविराम की वकालत करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट संकट का समाधान केवल राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है.

वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि इजरायल के साथ संभावित वार्ता में पूर्व अमेरिकी राजदूत सिमोन कराम के नेतृत्व में लेबनानी प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बातचीत का उद्देश्य कब्जे को समाप्त करना, अंतरराष्ट्रीय सीमा की पहचान करना और वहां सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करना होगा.

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