लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

‘आयोजकों की जवाबदेही तय हो’:छात्रों के विरोध प्रदर्शन मामले में शीर्ष कोर्ट में याचिका दाखिल; कब होगी सुनवाई? – Student Protest Plea Action Against Organisers Community Service For Minors

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ छात्र प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के आयोजकों ने हिंसा के लिए उकसाया।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र सामग्री पोस्ट करने वाले नाबालिगों को आपराधिक कार्रवाई का सामना कराने के बजाय सामुदायिक सेवा कराई जाए।

वकील ने कोर्ट में कहा कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के आयोजक सरकार की प्रतिक्रिया के बाद भी भड़काऊ बयान देना जारी रख रहे हैं।

वकील ने कोर्ट से कहा, सरकार ने काफी उदार रुख अपनाया है, फिर भी आयोजक आग को भड़का रहे हैं। आयोजक गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं और समाज में कटुता पैदा कर रहे हैं। आयोजकों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। 

ये भी पढ़ें: कुणाल कामरा ने रद्द किए स्टैंड-अप शो, हिंदुत्ववादी संगठनों ने किया था विरोध; क्या है मामला?

एफआईआर को लेकर क्या मांग की गई?

याचिका में 20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद दर्ज प्राथमिकियों और गिरफ्तारियों को लेकर एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार, अलग-अलग राज्यों ने प्राथमिकी वापस लेने को लेकर अलग-अलग तरीके अपनाए हैं, जिससे भ्रम और लोगों में असंतोष पैदा हो रहा है।

वकील ने कहा, अलग-अलग राज्य गिरफ्तारी और प्राथमिकी को लेकर अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर रहे हैं। यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है। यहां एक समान नीति बनाई जानी चाहिए। इन अधिसूचनाओं से देश के शांतिप्रिय नागरिकों के मन में असंतोष पैदा हो रहा है। 

नाबालिगों पर कार्रवाई को लेकर क्या कहा गया?

याचिका में सोशल मीडिया पर अभद्र वीडियो पोस्ट करने वाले नाबालिगों और युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का मुद्दा भी उठाया गया है। वकील ने कहा कि ऐसा व्यवहार सुधार की जरूरत वाला है, लेकिन आपराधिक कार्रवाई इसका सही समाधान नहीं है। 

वकील ने कहा, दुर्भाग्य से कुछ युवा लड़के और लड़कियां बेहद अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके लिए उनके खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की जा रही हैं। वे वीडियो बना रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। यह एक बदसूरत जंग का मैदान बनता जा रहा है। 

सामुदायिक सेवा कराने की मांग

उन्होंने कोर्ट से ऐसी एक समान नीति बनाने की अपील की, जिसके तहत इन नाबालिगों को आपराधिक कार्रवाई का सामना कराने के बजाय कम से कम सात दिन तक सामुदायिक सेवा करनी पड़े।

वकील ने कहा, एक समान नीति होनी चाहिए, जिसके तहत उन्हें कम से कम 7 दिन के लिए सामुदायिक सेवा के लिए भेजा जाए और फिर छोड़ दिया जाए। लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं होनी चाहिए। इससे समाज में और ज्यादा कटुता पैदा होगी। यही इस मामले की तात्कालिक जरूरत है। 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के लिए कल या उसके अगले दिन सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।

 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

यूपीटेट 2026 का रिजल्ट जारी:13.3 लाख अभ्यर्थी सफल, प्राथमिक में 80.07% पास, उच्च प्राथमिक के क्या रहे नतीजे? – Upessc Uptet 2026 Result Declared: Over 13 Lakh Pass; Download Scorecard Here, Check All Details Here

पांच-सितारा दो होटलों को नोटिस:जे डब्ल्यू मैरियट और जुनिपर होटल्स पर गंभीर आरोप, Fssai ने दिए ये निर्देश – Notices Issued To Two Five-star Hotels Serious Allegations Against Jw Marriott And Juniper Hotels Fssai Issues

एच1एन1:दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2446 मरीज, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश; फरीदाबाद में मिले नए छह केस – H1n1 2,446 Swine Flu Patients In Delhi And 138 New Swine Flu Cases In 24 Hours

भारत का कड़ा जवाब:रोहिंग्या पर संयुक्त राष्ट्र समिति की रिपोर्ट को बताया दुर्भावनापूर्ण, क्या है पूरा मामला? – India Rejects Un Body Report Rights Violations Ethnic Groups Rohingya Refugees

डीन एल्गर का बड़ा एलान:दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान लेंगे संन्यास, 2026 के बाद क्रिकेट को कहेंगे अलविदा – Dean Elgar To Retire From All Forms Of Cricket At End Of 2026 Season

सीआईए प्रमुख की मॉस्को यात्रा:यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिश कर रहे हैं ट्रंप, क्या निकलेगा नतीजा? – Cia Chief John Ratcliffe Moscow Visit Trump Ukraine War- Russia

Leave a Comment