अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने संकेत दिया कि यह दौरा यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिशों का हिस्सा था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध रुकवाने के लिए बहुत मेहनत कर रहा है। उनके मुताबिक, अब दोनों पक्ष भी युद्ध खत्म होते देखना चाहते हैं।
मुलाकात से क्या निकलेगा नतीजा?
ट्रंप ने कहा कि रैटक्लिफ की यात्रा से कुछ निकल सकता है। हालांकि, उन्होंने दौरे की अहमियत कम करके बताई। नाटो या ईरान से जुड़े संभावित प्रतिबंधों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इनमें से कोई कारण नहीं था। ट्रंप ने यात्रा को काफी हद तक सामान्य बताया।
मामले से जुड़ी अहम जानकारी
- रैटक्लिफ ने अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात नहीं की।
- रूस के अनुसार, उन्होंने वहां के खुफिया अधिकारियों से बातचीत की।
- अमेरिकी प्रशासन ने इस यात्रा को सार्वजनिक नहीं किया था।
- अमेरिकी मीडिया ने विमान की उड़ान संबंधी जानकारी के आधार पर दौरे का खुलासा किया।
- सीआईए प्रमुख बनने के बाद रैटक्लिफ की यह रूस की पहली यात्रा थी।
पेसकोव ने की थी पुष्टि
पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पहले ही यात्रा की पुष्टि कर दी थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की सुरक्षा सेवाओं के जरिए संपर्क हुआ है। हालांकि, बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई। पेसकोव ने भी यात्रा की अहमियत को ज्यादा बढ़ाने से इनकार किया।
युद्ध के बीच बढ़ा तनाव
यह यात्रा ऐसे समय हुई, जब यूक्रेन युद्ध तेज हो गया है। खबर के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन पर हमले बढ़ा दिए हैं और नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया है। वहीं, यूक्रेन के पास मिसाइल रोधी रक्षा उपकरणों की कमी की बात सामने आई है। इससे उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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ईरान का भी आया संदर्भ
रैटक्लिफ की यात्रा से एक दिन पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। रूस के ईरान के साथ करीबी संबंध हैं। कुछ रिपोर्टों में रूस पर ईरान को खुफिया मदद देने का दावा किया गया था, लेकिन ट्रंप ने इससे इनकार किया है।
चुनावी वादा अब भी अधूरा
ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति बनने के एक दिन के भीतर यूक्रेन युद्ध खत्म कराने का दावा किया था। लेकिन युद्ध अब चार साल से जारी है। ऐसे में सीआईए प्रमुख की मॉस्को यात्रा ने पर्दे के पीछे चल रहे संपर्कों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

