अगर आप सोया चाप के शौकीन हैं तो सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में प्रोटीन से भरपूर बताकर बेची जा रही सोया चाप में असलियत कुछ और ही सामने आ रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि कई जगह सोया चाप के नाम पर मैदे और ग्लूटेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोनी में हुई कार्रवाई के दौरान एक फैक्टरी में 300 किलो मैदा मिला, जबकि सोया आटा महज 10 किलो था। यानी जिस उत्पाद को लोग स्वास्थ्यवर्धक समझकर खा रहे हैं, उसमें सोया की मात्रा बेहद कम थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए लोनी के आर्य नगर स्थित मोहम्मद यूनुस की चाप बनाने वाली फैक्टरी का संचालन बंद करा दिया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष झा ने बताया कि फैक्टरी में मिली सामग्री को जब्त कर तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। फैक्टरी संचालक खाद्य निर्माण का लाइसेंस भी नहीं दिखा सका। इसके चलते खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की गई।